कृषि विकास में जालौन को राष्ट्रीय सम्मान:केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डीएम को किया सम्मानित
बुंदेलखंड की धरती जालौन ने कृषि विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जालौन जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्

बुंदेलखंड की धरती जालौन ने कृषि विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जालौन जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलाधिकारी समीर को सम्मान प्रदान किया। यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की पहचान है। 100 आकांक्षी कृषि जिलों में शामिल है जालौन देश के 100 आकांक्षी कृषि जिलों में शामिल जालौन में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को दूर करने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से योजनाओं को लागू किया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, सिंचाई और बैंकिंग विभागों ने किसानों की जरूरतों के अनुरूप काम किया। इन प्रयासों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड और उन्नत बीजों पर जोर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत एवं प्रमाणित बीजों और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके तहत मिट्टी की उर्वरता के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन में सुधार लाने पर जोर दिया गया। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से पात्र किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के साथ पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए। ड्रोन और कृषि यंत्रीकरण को दिया बढ़ावा खेती को आसान और प्रभावी बनाने के लिए कृषि यंत्रीकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि कार्यों में समय और लागत की बचत हो सके। सूक्ष्म सिंचाई और भंडारण सुविधाओं पर फोकस बुंदेलखंड में सिंचाई और जल संरक्षण की अहमियत को देखते हुए 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को प्रोत्साहित किया गया। वहीं, गोदामों, सहकारी समितियों और कृषि अवसंरचना के विकास पर भी जोर दिया गया। इससे किसानों को फसल सुरक्षित रखने और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। डीएम बोले- किसानों और टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम जिलाधिकारी समीर ने राष्ट्रीय सम्मान को किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कृषि विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान से जनपद में कृषि विकास, आधुनिक तकनीक के विस्तार और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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