गांधी जयंती पर सीएम योगी ने चरखा चलाया:लखनऊ में बच्चों ने 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' सुनाया, बोले- चरखा आत्मनिर्भरता का आधार
गांधी जयंती पर लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांधी आश्रम में चरखा चलाया। उन्होंने गांधी जी के स्वदेशी और स्वावलंबन के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की। सीएम ने कहा- गांधी जी ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनों का नेतृत्व किया और उन्हें जनआंदोलन बनाया। गांधी आश्रम के कपड़ों और चरखे से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं। चरखा सिर्फ चरखा

गांधी जयंती पर लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांधी आश्रम में चरखा चलाया। उन्होंने गांधी जी के स्वदेशी और स्वावलंबन के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की। सीएम ने कहा- गांधी जी ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनों का नेतृत्व किया और उन्हें जनआंदोलन बनाया। गांधी आश्रम के कपड़ों और चरखे से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं। चरखा सिर्फ चरखा नहीं, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सीएम योगी ने हजरतगंज स्थित GPO पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि देते हुए याद किया। कार्यक्रम में बच्चों ने गांधी जी के प्रिय भजनों 'रघुपति राघव राजा राम', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' को गाया। सीएम ने बैठकर सुना। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तस्वीरें देखिए… स्वदेशी मंत्र ने आजादी के आंदोलन को बनाया जनआंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र भारत की आजादी का आधार बना। गांधी जी के नेतृत्व में बिखरा हुआ स्वतंत्रता आंदोलन जनआंदोलन में बदल गया। उन्होंने देशवासियों में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना पैदा की। हर नागरिक को स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। गांधी जी के दिए संदेश आज भी लोगों के लिए प्रेरणा हैं। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट दी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी को जीवन का हिस्सा बनाने और कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ की भावना से कारीगरों को बड़ा मंच मिल सकता है। गांधी जी का आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। शास्त्री जी की सादगी और ‘जय जवान, जय किसान’ का जिक्र सीएम योगी ने लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा कि वह अपनी सादगी और सज्जनता के लिए प्रसिद्ध थे। उनका व्यक्तित्व सरल होने के साथ दृढ़ और संघर्षशील भी था। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा स्वतंत्र भारत का मंत्र बन गया। योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहा था, वहीं किसान अपने परिश्रम से देश की खाद्यान्न जरूरतें पूरी करने में जुटा था। शास्त्री जी के आह्वान ने देश में जवान और किसान के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया। खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है। देश अपनी बड़ी आबादी की जरूरतें पूरी करने के साथ कई देशों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में जुटा जवान भी शास्त्री जी के उसी संकल्प की कड़ी है, जिसे उन्होंने 1965 में देशवासियों के सामने रखा था। स्वच्छ भारत अभियान का भी जिक्र सीएम ने कहा कि गांधी जी ने स्वच्छता को लेकर जो संदेश दिया था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के जरिए आगे बढ़ाया। यह अभियान स्वच्छ और स्वस्थ भारत की आधारशिला बना। साथ ही लोगों में नारी गरिमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम भी हुआ। ………… ये खबर भी पढ़ें… कारोबारी के इकलौते नाबालिग बेटे ने मां की हत्या की:लखनऊ में 4 महीने बाद मिलने आया था; रिंच मारकर सिर फोड़ा, लाश के पास बैठा रहा लखनऊ में गुरुवार रात कपड़ा कारोबारी के 17 साल के बेटे ने अपनी 42 साल की मां की हत्या कर दी। उसने रिंच मारकर सिर फोड़ दिया। इससे मां की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। आरोपी बेटा अपने मां-बाप की इकलौती संतान है। उसने अपना जेंडर भी बदलवा लिया था। वारदात के बाद उसने खुद पुलिस को कॉल कर कहा- मैंने अपनी मां की हत्या कर दी है। इसके बाद वह मां की लाश के पास बैठा रहा। उस वक्त पिता दुकान पर थे। पढ़िए पूरी खबर…
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗