22 अक्टूबर 2026, 6:50 PM
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण का रिश्वतखोर लिपिक निलंबित:LDA ने घूसखोर अधिकारी-कर्मचारी पर जांच बैठाई, दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद एक्शन

यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वतखोरी और अवैध निर्माण के खेल पर दैनिक भास्कर की स्टिंग का बड़ा असर हुआ है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने नक्शा जारी करने के लिए घूस मांगने वाले लिपिक निर्मल सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो जूनियर इंजीनियर राहुल प्रताप विश्वकर्मा और जोनल ऑफिसर

गोरखपुर विकास प्राधिकरण का रिश्वतखोर लिपिक निलंबित:LDA ने घूसखोर अधिकारी-कर्मचारी पर जांच बैठाई, दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद एक्शन
स्रोत: dainik bhasker category
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यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वतखोरी और अवैध निर्माण के खेल पर दैनिक भास्कर की स्टिंग का बड़ा असर हुआ है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने नक्शा जारी करने के लिए घूस मांगने वाले लिपिक निर्मल सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो जूनियर इंजीनियर राहुल प्रताप विश्वकर्मा और जोनल ऑफिसर मान सिंह के वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। गोरखपुर का लिपिक पैसे लेकर अवैध निर्माण कराता था, निलंबित गोरखपुर विकास प्राधिकरण के लिपिक का स्टिंग 20 अक्टूबर को दैनिक भास्कर ने पब्लिश किया था। उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने मामले का संज्ञान लिया। रिश्वत मांगने वाले लिपिक को निलंबित किया। जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई। विशेष कार्याधिकारी संजीव कुमार दीक्षित को जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्राधिकरण के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार विभागीय कार्रवाई होगी। लिपिक के खिलाफ अलग से आरोपपत्र भी जारी किया जाएगा। जीडीए में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने वाला निर्मल सिंह कर्मचारी संयुक्त परिषद का अध्यक्ष भी रह चुका है। आरोप है कि यूनियन में सक्रियता और अधिकारियों से नजदीकी के चलते वह नक्शा पास कराने, अवैध निर्माण और आवासीय योजनाओं में फ्लैट आवंटन जैसे काम कराने के लिए लोगों से पैसे लेता था। पत्रकारपुरम और वसुंधरा एन्क्लेव में करीबियों के नाम फ्लैट लेकर मुनाफे में बेचने के आरोप भी हैं। LDA वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच करेगा, कमेटी बनाई लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी अपने एक अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 21 अक्टूबर को 5 सदस्यीय कमेटी बनाई, जो वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच करेंगे। इस कमेटी का अध्यक्ष अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को बनाया गया है। इसमें प्रभारी अधिकारी-अधिष्ठान, ओएसडी-आईटी देवांश त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता मनोज सागर और लेखाधिकारी विनोद श्रीवास्तव सदस्य हैं। विनोद श्रीवास्तव को सदस्य संयोजक बनाया गया है। भास्कर की पड़ताल ने खड़े किए थे सवाल दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने विकास प्राधिकरणों में रिश्वतखोरी और निर्माण संबंधी अनियमितताओं की पड़ताल के लिए खुफिया कैमरे से बातचीत रिकॉर्ड की थी। टीम ने सील की गई बिल्डिंग से जुड़े कागजात जुटाकर खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों तक पहुंच बनाई। स्टिंग में नक्शा और निर्माण से जुड़े काम कराने के एवज में पैसे मांगने की बातचीत सामने आई। भास्कर की पड़ताल में ये सवाल उठा कि नियमों के तहत होने वाले काम के लिए आवेदकों से पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं। ऐसी गतिविधियों पर विभागीय निगरानी कितनी प्रभावी है। अब जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी गोरखपुर और लखनऊ में हुई कार्रवाई के बाद अब निगाहें जांच कमेटियों की रिपोर्ट पर हैं। जांच में ये स्पष्ट होना चाहिए कि वायरल वीडियो और ऑडियो की सत्यता क्या है, बातचीत किन परिस्थितियों में हुई, क्या किसी काम के बदले रिश्वत मांगी गई। इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। ------------------ ये भी पढ़ें- 13 हजार वोटर्स की धांधली पकड़ने वाला कांग्रेसी कौन:पहला क्लू साइबर कैफे से मिला, 3.48 लाख रिकॉर्ड खंगाले; चुनाव आयोग ने 2 को हटाया पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 13,150 वोटरों के नाम बदलने का आरोप लगाकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि 10 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में जिन वोटरों के नाम सही थे, जुलाई से 15 अक्टूबर के बीच उनमें बदलाव किए गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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