3 अक्टूबर 2026, 3:48 PM
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जीतनराम मांझी ने CEC विवाद पर विपक्ष को घेरा, कहा- 'अनुभवहीन लोग...'

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठ रही मांगों और SC-ST सांसदों को संसद में बोलने के समय को लेकर अपनी बात रखी है. गया में शनिवार (26 सितंबर) को उन्होंने CEC विवाद पर कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना उचित नहीं है. वहीं, उन्होंने बताया कि

जीतनराम मांझी ने CEC विवाद पर विपक्ष को घेरा, कहा- 'अनुभवहीन लोग...'
स्रोत: abp news world
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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठ रही मांगों और SC-ST सांसदों को संसद में बोलने के समय को लेकर अपनी बात रखी है. गया में शनिवार (26 सितंबर) को उन्होंने CEC विवाद पर कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना उचित नहीं है. वहीं, उन्होंने बताया कि SC-ST सांसदों को महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान पर्याप्त समय नहीं मिलने की शिकायत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा गया है.

मांझी ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था बैठक कर निर्णय लेती है और उसके फैसलों को स्वीकार करना होता है. उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रही मांगों को लेकर कहा कि अनुभवहीन लोग ऐसा मुद्दा उठाते हैं. अलग-अलग संस्थाओं में विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन इससे यह जरूरी नहीं कि हर निर्णय बदला ही जाए.

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दरअसल, CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर हाल में विपक्षी दलों ने इस्तीफे की मांग की है. यह विवाद SIR और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आए मतभेद के दावों के बाद बढ़ा है. चुनाव आयोग ने हालांकि कहा है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.

SC आरक्षण में वर्गीकरण की बात उठाई

मांझी ने SC आरक्षण में क्रीमी लेयर और वर्गीकरण से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि कैबिनेट के सामने अनुसूचित जाति के आरक्षण की समीक्षा और वर्गीकरण का मुद्दा उठाया गया था. उनका कहना है कि आरक्षण समाप्त नहीं होना चाहिए, लेकिन जिन लोगों तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा है, उनके लिए विशेष व्यवस्था पर विचार होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा उठाना उनका काम है और इसे कैबिनेट का सामूहिक निर्णय मानते हुए व्यक्तिगत इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है.

SC-ST सांसदों के कम समय का मुद्दा

मांझी ने बताया कि सांसदों की एक बैठक में SC और ST सांसदों ने संसद में बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने की समस्या रखी थी. इसी के बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि बैठक में सांसदों की ओर से उठाई गई समस्या के आधार पर पत्र भेजा गया है. 

मांझी बोले- समूह के नेता होने के नाते लिखा पत्र

मांझी ने बताया कि वे सांसदों के एक समूह के नेता हैं और समूह की बैठकों में उठने वाले मुद्दों को संबंधित मंत्रालय या सक्षम पदाधिकारी तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है. इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने सीधे लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा. उन्होंने कहा कि सांसदों की ओर से उठाई गई इस समस्या पर अब लोकसभा अध्यक्ष के स्तर से उचित कार्रवाई की उम्मीद है. लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर ओम बिरला वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष के रूप में दर्ज हैं.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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