6 अक्टूबर 2026, 4:13 PM
हर खबर, हर पल
हमारे बारे मेंसंपर्क
राष्ट्रीय

दिव्या-मित्तल ने जिस स्कूल का मुद्दा उठाया, उसका काम रुका:मिर्जापुर में गांव वाले भी नाराज हुए, वन विभाग बोला- जमीन तो हमारी है

मिर्जापुर में पूर्व IAS दिव्या मित्तल की परमिशन से बन रहे स्कूल के निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है। वन विभाग ने इस जमीन पर दावा करते हुए 4 अक्टूबर की दोपहर को काम रुकवा दिया। लहुरियादह गांव में बन रहे स्कूल का काम रोके जाने से गांववाले नाराज हैं। वन विभाग के अफसरों ने कहा कि हलिया क्षेत्र में हमारे विभाग की जमीन पर स्कूल निर्माण ग

दिव्या-मित्तल ने जिस स्कूल का मुद्दा उठाया, उसका काम रुका:मिर्जापुर में गांव वाले भी नाराज हुए, वन विभाग बोला- जमीन तो हमारी है
स्रोत: dainik bhasker category
शेयर करेंWhatsAppFacebook
मिर्जापुर में पूर्व IAS दिव्या मित्तल की परमिशन से बन रहे स्कूल के निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है। वन विभाग ने इस जमीन पर दावा करते हुए 4 अक्टूबर की दोपहर को काम रुकवा दिया। लहुरियादह गांव में बन रहे स्कूल का काम रोके जाने से गांववाले नाराज हैं। वन विभाग के अफसरों ने कहा कि हलिया क्षेत्र में हमारे विभाग की जमीन पर स्कूल निर्माण गैरकानूनी है। वन विभाग की टीम नींव की भराई का काम कर रहे मिस्त्री, लेबरों का फावड़ा, तगाड़ी समेत सारा सामान भी ले गई। इससे पहले 30 सितंबर को बीईओ हलिया प्रकाश चंद्र यादव और ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र गुप्ता टीम के साथ लहुरियादह गांव पहुंचे थे। यहां स्कूल के लिए जमीन की नपाई के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया था। लेकिन पांचवें दिन ही वन विभाग ने स्कूल का काम बंद करा दिया। लेखपाल बोले- ग्राम सभा की जमीन पर बन रहा स्कूल स्कूल के लिए आवंटित जमीन को लेकर राजस्व और वन विभाग के दावे अलग-अलग हैं। लेखपाल निखिल पाठक के मुताबिक, अराजी नंबर- 1116 ग, रकबा 0.169 हेक्टेयर यानी करीब 13 बिस्वा जमीन आवंटित की गई है। यह जमीन ग्राम सभा और राजस्व विभाग की है। लेखपाल ने बताया, इसके बावजूद वन विभाग इस जमीन पर अपना दावा कर रहा। मामले की जानकारी सीनियर अफसरों को दी गई है। वहीं, ड्रमंडगंज रेंजर रविशंकर शर्मा का कहना है कि लहुरियादह गांव में जिस जमीन पर उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा था, वह वन विभाग की भूमि है। इस वजह से निर्माण काम रुकवाया गया है। वन विभाग के नक्शे में जमीन राजस्व विभाग की रेंजर के मुताबिक, वन विभाग के मानचित्र में अराजी नंबर 730 और 732 में स्कूल का निर्माण कराया जा रहा था। 1359 फसली के वन विभाग के नक्शे में अराजी नंबर 733 राजस्व विभाग की जमीन है। इसी जमीन पर स्कूल बनवाया जा सकता है। रेंजर का आरोप है कि स्कूल के जमीन आवंटित करते समय राजस्व विभाग की टीम ने वन विभाग से कोई संपर्क नहीं किया। वन भूमि पर स्कूल के लिए जमीन आवंटित कर दी। वहीं, नाराज ग्रामीणों का कहना है कि उस जमीन पर तो पेड़-पौधे तक नहीं। फिर स्कूल का काम क्यों रोका गया। गांववाले बोले- स्कूल बनवाने से पहले जांच करानी चाहिए थी ग्रामीण हीरा यादव, चौरसिया देवी, राजकुमार और हरिलाल समेत अन्य लोगों का कहना है कि अगर जमीन वन विभाग की थी तो तहसील प्रशासन ने उसे स्कूल निर्माण के लिए आवंटित कैसे कर दिया? ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। 30 सितंबर को जमीन का चिन्हांकन कराकर स्कूल का निर्माण शुरू कराया गया था। लेकिन, महज पांच दिन बाद वन विभाग ने जमीन को अपनी बताते हुए काम रुकवा दिया। इससे तहसील प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के लिए जमीन आवंटित करने से पहले संबंधित विभागों के बीच समन्वय होना चाहिए था। अगर जमीन के रिकॉर्ड में पहले से ही विवाद था तो निर्माण कार्य शुरू कराने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं कराई गई? BSA बोले- मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिर्जापुर के बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि मुझे उच्च प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह का निर्माण कार्य रोके जाने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में बीईओ हलिया से बात की जा सकती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 30 सितंबर को जारी जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक स्कूल लहुरियादह के निर्माण का प्रस्ताव 2024-25 में भेजा गया था। 2025-26 में राज्य परियोजना निदेशक ने इसकी स्वीकृति दी थी। साथ ही 25.58 लाख रुपए का धन आवंटित किया था। करीब तीन साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने लहुरियादह में स्कूल को लेकर स्वीकृति दी थी। सत्र 2025-26 में बजट जारी होने के बावजूद स्कूल का निर्माण शुरू नहीं हो सका था। दिव्या मित्तल ने एक महीने पहले दिया था इस्तीफा यूपी की चर्चित IAS रही दिव्या मित्तल ने 1 महीने पहले नौकरी से इस्तीफा दिया था। वह लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव थीं। दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा भेजा था। उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी थी। सरकार ने 14 सितंबर को दिव्या मित्तल का इस्तीफा स्वीकार किया था। दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को स्कूल के उच्चीकरण के लिए स्वीकृति मिलने के 3 साल बाद भी काम शुरू नहीं होने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि एक गरीब महिला ने उनसे अपने गांव में (जो केवल 5वीं कक्षा तक था) आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल मांगा था। मैंने नियम देखकर स्कूल स्वीकृत भी कर दिया था। लेकिन, प्रशासनिक कमियों के चलते 3 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल बनना शुरू नहीं हो सका। इसी व्यवस्था से दुखी होकर मैंने नौकरी छोड़ी और जनता की आवाज बनने का फैसला किया। वीडियो सामने आने के अगले दिन ही लहुरियादह में स्कूल के उच्चीकरण की प्रक्रिया में तेजी आई। जमीन की नाप-जोख शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विद्यालय के निर्माण के लिए पहले ही स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जमीन के सीमांकन के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया था। ……………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें- यूपी में भाजपा के आठों राज्यसभा कैंडिडेट नए:केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा के नाम नहीं; राज्यपाल गंगवार की बेटी को टिकट यूपी में भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार दोपहर 8 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। सभी नए उम्मीदवार हैं। इनमें 2 महिलाएं हैं। इनमें 2 ब्राह्मण, 1 ठाकुर, 3 पिछड़े और 2 दलित हैं। पिछड़े वर्ग में एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। वहीं, दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
समाचार स्रोत

यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

मूल स्रोत देखें ↗