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'दो कचौड़ी एक समोसा, BPSSC का क्या भरोसा', पटना में दारोगा अभ्यर्थियों का हंगामा

बिहार में 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मेन्स परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार (5 अक्टूबर) को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारी हाथों में अलग-अलग नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे. इनमें लिखा था- 'एक सुट्टा, दो चाय, BPSSC हाय-हाय' और

'दो कचौड़ी एक समोसा, BPSSC का क्या भरोसा', पटना में दारोगा अभ्यर्थियों का हंगामा
स्रोत: abp news world
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बिहार में 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मेन्स परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार (5 अक्टूबर) को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारी हाथों में अलग-अलग नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे. इनमें लिखा था- 'एक सुट्टा, दो चाय, BPSSC हाय-हाय' और 'दो कचौड़ी, एक समोसा, BPSSC का क्या भरोसा'.

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों को रोकने की कोशिश की. छात्र लगातार बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे. इस दौरान पुलिस की ओर से छात्रों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, डीएसपी दयाल ने लाठी चलाई, जिसके बाद छात्र और आक्रोशित हो गए.

बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला की ओर बढ़े छात्र

हंगामे के बीच प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला की ओर बढ़ गए. अभ्यर्थी मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में चार महीने तक तैयारी कराने के बाद अचानक मेंस परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है.

पटना, बिहार: 1799 दारोगा परीक्षा मेन्स रद्द किए जाने के बाद अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। एक तख्ती पर लिखा है- 'दो कचौड़ी, एक समोसा, BPSSC का क्या भरोसा।' https://t.co/v4mzczS0ZJ

— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 5, 2026

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अभ्यर्थी बोले- जांच के बीच परीक्षा रद्द क्यों?

प्रदर्शन कर रहीं अभ्यर्थी रानी ने कहा कि मेंस परीक्षा रद्द करने का नोटिस वापस लिया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले की जांच चल रही है तो जांच के दौरान ही परीक्षा रद्द करने का फैसला कैसे लिया जा सकता है. उनका कहना था कि अगर परीक्षा रद्द करनी ही थी तो पहले ही इसकी जानकारी दे दी जाती, ताकि अभ्यर्थी उसी हिसाब से तैयारी करते.

पटना, बिहार: दारोगा अभ्यर्थी रानी ने कहा, "यह जो मेन्स कैंसिलेशन का नोटिस आया है, उससे हम बोलते हैं वापस लेने के लिए। यह चीज़ नहीं होनी चाहिए हम लोगों के साथ। हमें बीपीएससी पर भरोसा नहीं है। आप जांच कर रहे हैं और जांच करते वक्त आप यह बोल दिए कि मेन्स कैंसिल हो जाएगा, कैसे? वह भी चार महीने जब हम लोगों को दौड़ा लिए, फिर कैसे? अगर करना ही था तो चार दिन बाद बोल देते, हम लोग फिर से आ जाते..."

— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 5, 2026

CM सचिवालय जाने पर डेलिगेशन का विरोध

प्रदर्शनकारी सौरभ राणा ने बताया कि डाकबंगला से पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री सचिवालय ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें आयोग ले जाया जा रहा था. प्रतिनिधिमंडल के रवाना होने के बाद जब प्रदर्शनकारी भीड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई तो डेलिगेशन के सदस्य गाड़ी से उतर गए. उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय जाने से इनकार कर दिया. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग मेन्स परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेना है और वे इस मुद्दे पर सरकार से सीधे बातचीत चाहते हैं.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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