2 अक्टूबर 2026, 4:33 PM
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नेपाल त्रासदी के लिए गुल्लक देने वाले अल्फाज का सम्मान:नेपाल सरकार ने स्मृति चिन्ह भेजा, कुशीनगर में डीएम ने नवाजा

नेपाल त्रासदी के समय अफसरों को अपनी गुल्लक दान करने वाले कुशीनगर के अल्फाज शेख को नेपाल सरकार ने सम्मानित किया है। नेपाल सरकार ने अल्फाज के साहस और आपदा में मदद को सराहा और एक स्मृति चिह्न भेजा। इस पर डीएम संजय चौहान ने गांधी जयंती पर अल्फाज को कलेक्ट्रेट बुलवायाकर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने के बाद अल्फाज ने खुशी

नेपाल त्रासदी के लिए गुल्लक देने वाले अल्फाज का सम्मान:नेपाल सरकार ने स्मृति चिन्ह भेजा, कुशीनगर में डीएम ने नवाजा
स्रोत: dainik bhasker category
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नेपाल त्रासदी के समय अफसरों को अपनी गुल्लक दान करने वाले कुशीनगर के अल्फाज शेख को नेपाल सरकार ने सम्मानित किया है। नेपाल सरकार ने अल्फाज के साहस और आपदा में मदद को सराहा और एक स्मृति चिह्न भेजा। इस पर डीएम संजय चौहान ने गांधी जयंती पर अल्फाज को कलेक्ट्रेट बुलवायाकर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने के बाद अल्फाज ने खुशी जताई। अल्फाज के पिता बाबू खान ने भी नेपाल सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की परंपरा निभाई है। दो तस्वीरें देखिए अब पूरी खबर विस्तार से पढ़िए दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पडरौना तहसील के बेतिया गांव के रहने वाले अल्फाज शेख पुत्र बाबू खान ने अपनी गुल्लक में जमा पूरी रकम बाढ़ पीड़ितों को देने की इच्छा जताई थी। उसने तत्कालीन डीएम महेंद्र सिंह तंवर को एक चिट्ठी लिखकर जिला प्रशासन के जरिए गुल्लक का पैसा अधिकृत राहत कोष में जमा कराने की अपील की थी। सोशल मीडिया पर देखा था मंजर अल्फाज ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि मैं पिछले कुछ दिनों से टीवी और सोशल मीडिया पर नेपाल में आई बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें और खबरें देख रहा था। बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और जान-माल के नुकसान की जानकारी मिलने के बाद उसके मन में पीड़ितों की मदद करने का ख्याल आया। मैं करीब एक साल से अपनी गुल्लक में पैसे जमा कर रहा हूं। अब अपनी इस बचत को खुद पर खर्च करने की बजाय बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए देने का फैसला किया है। वो अपने पिता के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा था। डीएम महेंद्र सिंह तंवर से अनुरोध किया कि गुल्लक में जमा पूरी रकम को स्वीकार किया जाए। अल्फाज गांव के पास ही प्राइवेट स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ता है। उनके पिता बाबू खान मोबाइल रिपेयरिंग की शॉप चलाते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। अल्फाज दो बहनों का इकलौता भाई है। एक हफ्ते पहले दूतावास से आया था स्मृति चिह्न जिला आपदा विशेषज्ञ रवि प्रकाश राय ने बताया- 10 दिन पहले 28 सितंबर को नेपाल सरकार की तरफ से अल्फाज के लिए स्मृति चिह्न, धन्यवाद पत्र समेत तीन पुरस्कार जिला प्रशासन को दूतावास की तरफ से मिले थे। गुरुवार को अल्फाज के पिता बाबू खान को इसके बारे में बताया गया। डीएम संजय चौहान ने अल्फाज को ये स्मृति चिन्ह दिए। ----- ये खबर भी पढ़ें कानपुर में स्कूल बस की टक्कर, महिला टीचर की मौत:3 छात्र घायल, कांच के टुकड़े सिर में घुसे; गांधी जयंती मनाने जा रहे थे कानपुर में तेज रफ्तार डंपर और स्कूल बस की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में महिला टीचर की मौत हो गई। 6 लोग घायल हैं। इनमें 3 छात्र, 3 टीचर शामिल हैं। बस सवार 35 लोग गांधी जयंती मनाने स्कूल जा रहे थे। पूरी खबर पढ़ें
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