पपीता के इस किस्म की करें खेती, एक पौधे से 50 किलो फल, 1 एकड़ में होगा लाखों का फायदा
Papaya Farming: बरसात के बाद सितंबर और अक्टूबर का महीना पपीते की खेती के लिए काफी अनुकूल माना जाता है. इस समय मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है. तापमान में भी धीरे-धीरे नरमी आने लगती है. यह मौसम पपीते के पौधों के विकास के लिए अच्छा माना जाता है. ऐसे में किसान इस समय पपीते की खेती शुरू कर सकते हैं. पश्चिम चम्पारण जिले में कई किसान पपीते की खेती से अच्छ

Papaya Farming: बरसात के बाद सितंबर और अक्टूबर का महीना पपीते की खेती के लिए काफी अनुकूल माना जाता है. इस समय मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है. तापमान में भी धीरे-धीरे नरमी आने लगती है. यह मौसम पपीते के पौधों के विकास के लिए अच्छा माना जाता है. ऐसे में किसान इस समय पपीते की खेती शुरू कर सकते हैं. पश्चिम चम्पारण जिले में कई किसान पपीते की खेती से अच्छी आमदनी कर रहे हैं. इनमें मझौलिया प्रखंड के बनकट मुसहरी गांव निवासी किसान रविकांत पांडे भी शामिल हैं. वह करीब एक दशक से पपीते की खेती कर रहे हैं. वह ताइवान रेड लेडी किस्म के पपीते की खेती करते हैं.
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