प्रयागराज में SIR-CEC-EVM खिलाफ विरोध प्रदर्शन:प्रदर्शनकारी बोले- SIR रद्द करो, चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाए
प्रयागराज में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ईवीएम के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों व युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव

प्रयागराज में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और ईवीएम के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों व युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। वहीं धरना स्थल पर कई थानों की पुलिस बल भी तैनात है। ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। 3 तस्वीरें देखिए… प्रदर्शनकारियों का आरोप दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा की ओर से प्रदर्शन कर रही अंजली ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूची से नाम हटने को लेकर आक्रोश है और इसके विरोध में दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार नागरिकों का बुनियादी राजनीतिक अधिकार है, इसलिए SIR को रद्द किया जाए और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। वहीं प्रदर्शनकारी पवन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और SIR के तहत मतदाताओं को जोड़ने-हटाने की पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने मांग की कि जिन राज्यों में SIR के बाद चुनाव हुए, वहां के चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाएं तथा ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव हों। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और कई कार्यकर्ताओं को रोका गया। दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6 बजे तक 45 स्टेशनों पर प्रवेश व निकास बंद रखने की घोषणा की थी; पहले 57 स्टेशनों की सूची जारी हुई थी। प्रदर्शनकारियों की मांगे प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि लगभग 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं। इस संदर्भ में चुनाव आयोग की स्थिति है कि देशभर के कुल 95.40 करोड़ मतदाताओं में से 13.39 करोड़ प्रविष्टियां समीक्षा के दायरे में थीं, जिनमें स्थायी स्थानांतरण, पता न चल पाना, मृत्यु और डुप्लिकेट प्रविष्टियां शामिल थीं। जब तक SIR रद्द नहीं होता और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗
