फैजुल्लागंज में गोमती का जलस्तर बढ़ा, लोग पलायन को मजबूर:15 दिन से जलभराव, बेडरूम में घुसा पानी; कॉलोनी में चल रही नावें
लखनऊ के फैजुल्लागंज में गोमती का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों के परेशानी बढ़ गई। स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से जलभराव से परेशान हैं। कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग ताले लगाकर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। गलियों और रास्तों पर पानी भरा होने से जनजीवन प्रभावित है। कॉलोनी के लोग पिछले कई दिनों से घरों में बंद ह

लखनऊ के फैजुल्लागंज में गोमती का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों के परेशानी बढ़ गई। स्थानीय लोग पिछले कई दिनों से जलभराव से परेशान हैं। कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग ताले लगाकर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। गलियों और रास्तों पर पानी भरा होने से जनजीवन प्रभावित है। कॉलोनी के लोग पिछले कई दिनों से घरों में बंद हैं। लोग अब अपने घरों को छोड़कर पलायन कर रहे हैं। वे सभी अपने रिश्तेदारों और संबंधियों के यहां जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को निकालने के लिए कई नावों की व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के इलाज के लिए कैंप लगाए हैं। देखिए 3 तस्वीरें… कई दिनों से घर में बंद हैं लोग स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रशासन ने लोगों को निकालने के लिए नावें लगाई हैं, पर इनकी संख्या कम है। लोगों को नाव का घंटों इंतजार करना पड़ता है। नाव आने पर सिर्फ लोगों को ले जाने की बात होती है, सामान की इजाजत नहीं मिलती। इससे परिवारों को अपना जरूरी सामान छोड़ने की मजबूरी है। जरूरी काम के लिए भी आवाजाही मुश्किल दाउदनगर, लोहरामऊ, पतंग मैदान, तारा बाबू का फार्म, मामा कॉलोनी और सर्पिता कच्ची ढाल समेत कई इलाकों में पानी भरा है। स्थानीय लोग नावों की संख्या बढ़ाने और सामान निकालने की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। छात्रों, बुजुर्गों समेत सभी निवासियों के लिए जलभराव बड़ी समस्या बन गई है। वे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर पानी जमा होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है। स्कूल जाने और वापस लौटने के दौरान जलभराव वाले रास्ते से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को भी आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आश्वासन देने के लिए आते हैं अधिकारी स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर पिछले करीब 15 दिनों से पानी भरा हुआ है। लगातार बारिश के बाद गोमती का जलस्तर बढ़ने से समस्या बढ़ गई है। लोगों के बेडरूम और किचन तक पानी पहुंच गया है। हर साल की यहीं स्थिति रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने के लिए आते हैं। कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗