बिहार के बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड स्थित कसबा गांव में मंगलवार (22 सितंबर) को कर्मा-धर्मा पर्व का उल्लास उस वक्त गहरे मातम में बदल गया, जब डिघिया पोखर में स्नान करने गईं तीन सहेलियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. गांव के मिडिल स्कूल में ये तीनों साथ में ही पढ़ती थीं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
शंभूगंज प्रखंड स्थित कसबा गांव में संजीत तांती की 13 वर्षीय पुत्री मौसम कुमारी, मन्नू तांती की 13 वर्षीय पुत्री सीमा कुमारी और हीरा तांती की 12 वर्षीय पुत्री पुष्पा कुमारी की तालाब में डूबने से मौत हो गई. ये तीनों पर्व की तैयारियों के बीच मंगलवार की शाम अन्य बच्चियों के साथ तालाब में स्नान करने पहुंची थीं.
अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने तीनों को किया मृत घोषित
नहाने के दौरान मौसम कुमारी अचानक गहरे पानी की तरफ जाने लगी, जिसे बचाने के लिए सीमा और फिर पुष्पा ने एक-दूसरे का हाथ थामकर निकालने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते तीनों गहरे पानी में समा गईं. बाहर खड़ी अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला और तुरंत कसबा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
तीन बच्चियों की मौत से पूरे गांव का माहौल गमगीन
तीन भाइयों की इकलौती बहन मौसम, सीमा और पुष्पा के एक साथ चले जाने से तीनों घरों में मातम छा गया है. माताओं के करुण विलाप से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है.
बीडीओ ने 4-4 लाख रुपये की सरकारी सहायता का दिया भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही उपमुखिया नितेश दास के बुलावे पर थानाध्यक्ष प्रभाकर कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए बांका भेजा, वहीं बीडीओ प्रभात केसरी ने पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन के तहत चार-चार लाख रुपये की सरकारी सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिया है.
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