बरेली में तिकुनिया के शहीदों को दी श्रद्धांजलि:लखीमपुर कांड को यादकर किसानों ने चेताया- वादे पूरे न हुए तो देशभर में उग्र आंदोलन होगा
बरेली में 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में जान गंवाने वाले अन्नदाताओं और एक पत्रकार की स्मृति में शनिवार को किसानों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। दामोदर पार्क में 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया गया। इसके बाद बड़ी तादाद में एकत्र हुए किसानों ने कमिश्नर को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभा के दौर

बरेली में 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में जान गंवाने वाले अन्नदाताओं और एक पत्रकार की स्मृति में शनिवार को किसानों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। दामोदर पार्क में 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया गया। इसके बाद बड़ी तादाद में एकत्र हुए किसानों ने कमिश्नर को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभा के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर लंबित मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो देशभर में बड़ा जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा। 3 बड़े बिंदु: श्रद्धांजलि सभा में क्या बोले किसान नेता? नौकरी का वादा हवा-हवाई: किसान नेताओं ने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे द्वारा किसानों को गाड़ी से कुचलने के बाद सरकार ने पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने का लिखित-मौखिक आश्वासन दिया था, जो आज तक अधूरा है। सुरक्षा भी वापस ली: परिजनों की जान को बने खतरे के बावजूद अब सरकार ने उनकी सुरक्षा हटा ली है। आंदोलन की चेतावनी: नेताओं ने दो टूक कहा कि सरकार अन्नदाताओं के धैर्य की परीक्षा न ले। मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशव्यापी उग्र प्रदर्शन होगा। “लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों का बलिदान किसान आंदोलन के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की आवाज बुलंद रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। सरकार वादे पूरे करे, वरना सड़कों पर उतरना मजबूरी होगा।” डॉ. रवि नागर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री (किसान एकता संघ) व मंडल प्रभारी (संयुक्त किसान मोर्चा) कमिश्नर को सौंपा पीएम के नाम मांग-पत्र श्रद्धांजलि सभा के समापन के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल दोपहर ठीक 1 बजे मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में डॉ. रवि नागर समेत अन्य पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवारों को तत्काल सरकारी नौकरी व पूर्ण सुरक्षा बहाल करने की मांग दोहराई।
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