बलरामपुर में शोभायात्राओं पर डीजे बैन की मांग:डीएम-एसपी को सौंपा पत्र, मूर्ति की ऊंचाई 12 फीट तक सीमित करने का भी प्रस्ताव
बलरामपुर नगर में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान सुरक्षा, यातायात और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ की अगुवाई में हुई सर्वसमाज की बैठक में ये फैसले लिए गए। इसके बाद संगठनों ने डीएम औ

बलरामपुर नगर में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान सुरक्षा, यातायात और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ की अगुवाई में हुई सर्वसमाज की बैठक में ये फैसले लिए गए। इसके बाद संगठनों ने डीएम और एसपी को पत्र भेजकर विस्तृत गाइडलाइन जारी करने की मांग की है। संगठनों ने अपने पत्र में बताया कि नगर के अलग-अलग धार्मिक समूहों और संगठनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जनहित, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हिंदू, मुस्लिम, सिख समेत कई धर्मों के धर्मगुरुओं और बड़े नागरिकों की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में शोभायात्राओं और जुलूसों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए कई बातों पर सहमति बनी। सर्वसमाज की बैठक में तय किया गया कि नगर में किसी भी शोभायात्रा या जुलूस के दौरान डीजे पूरी तरह से बंद रहेगा। साथ ही, डीजे वाले वाहनों के शहर में घुसने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि डीजे चलाने वालों की बैठक बुलाकर उन्हें इस प्रतिबंध के बारे में पहले से बता दिया जाए और आदेश का पालन करवाया जाए।
शोभायात्राओं और जुलूसों में वाहन के साथ स्थापित की जाने वाली मूर्ति की कुल ऊंचाई ज्यादा से ज्यादा 12 फीट रखने का भी प्रस्ताव है। संगठनों का कहना है कि अगर कोई इस तय सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए। जुलूसों और शोभायात्राओं के तय रास्तों पर बिजली के तारों को लेकर भी प्रशासन का ध्यान खींचा गया है। पत्र में मांग की गई है कि आयोजन से पहले बिजली विभाग रास्ते में लटक रहे तारों को जरूरत के हिसाब से ठीक करे और उन्हें 12 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर करे। इससे ऊंचे वाहनों या झांकियों के तारों से टकराने से हादसे की आशंका नहीं रहेगी। संगठनों ने यह भी अनुरोध किया है कि अगर कोई लापरवाही मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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