बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक राज्य के 15 जिलों में 50.49 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है.
बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं. इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों को बाढ़ के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
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कोसी और गंगा खतरे के निशान से ऊपर
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहीं, गंगा नदी कहलगांव में खतरे के स्तर को पार कर चुकी है. नदियों के बढ़े जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
391 नावें, NDRF-SDRF की टीमें तैनात
राहत और बचाव के लिए राज्य में 391 नावें तैनात की गई हैं. एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की आठ टीमें प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं. छह राहत शिविरों में 7,714 विस्थापित लोगों को भोजन और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सामुदायिक रसोई से अब तक करीब 1.96 करोड़ लोगों को भोजन दिया गया है.
बारिश सामान्य से 29% कम, फिर भी अलर्ट
बिहार मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक एक जून से अब तक राज्य में 661.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत कम है. इसके बावजूद 23 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से इस दौरान सावधानी बरतने की अपील की है.
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