विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए आधी रात से इसे बंद कर दिया गया. इसके कारण प्रशासन ने आज (गुरुवार) से आम यात्रियों के लिए गंगा नदी पर क्रूज सेवा शुरू की है.
भागलपुर के बरारी इंडस्ट्रियल एरिया में बियाडा घाट से क्रूज का परिचालन हुआ. इस अवसर पर भागलपुर के जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद यादव मौके पर उपस्थित रहे.
रात के 12 बजे से सेतु को किया गया बंद
दरअसल, बिहार सरकार के आदेश पर रात के 12 बजे ही विक्रमशिला सेतु को मरम्मति के लिए बंद कर दिया गया. रात में पुलिस के जवानों की ओर से बैरिकेडिंग की गई. तीन महीने तक विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही नहीं होगी.
इस बीच जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने एसएसपी प्रमोद यादव और अन्य अधिकारियों के साथ क्रूज के परिचालन की व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा, घाट पर उपलब्ध सुविधाओं और विधि-व्यवस्था का स्थल पर निरीक्षण भी किया. इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
अधिक सुरक्षित और बड़े क्रूज का इंतजाम
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने मीडिया से कहा, "हमारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. सुरक्षा के नजरिए से अधिक सुरक्षित और बड़े क्रूज का इंतजाम किया गया है. यात्रियों के लिए सेवा मुफ्त है. मोटरसाइकिल और दूसरे सामान के लिए तय दरों पर शुल्क लिया जाएगा, जिसमें सरकारी रेवेन्यू-शेयरिंग का अनुपात 70:30 होगा."
यात्रियों के लिए 'आपदा मित्र' की तैनाती
डीएम ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण नाव पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैनात रहेंगे. यात्रियों के लिए यहां 'आपदा मित्र' की भी तैनाती की गई है.
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एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा, "सुरक्षा के नजरिए से प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसके ठीक पास में अस्थायी पुलिस स्टेशन है. इस अस्थायी स्टेशन में हमने स्टेशन इंचार्ज के तौर पर दो इंस्पेक्टर और हर शिफ्ट में दो अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए हैं, ताकि पुलिस अधिकारियों की 24 घंटे मौजूदगी बनी रहे. आज हमने लगभग 60 कर्मियों को तैनात किया है."
एसएसपी ने बताया कि जब भी कोई क्रूज यहां से रवाना होगा तो उस पर एक पुलिस अधिकारी और दो जवान के अलावा एक प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेगा. क्रूज पर सुरक्षा के तहत पर्याप्त सुरक्षाकर्मी रहेंगे. उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर लगातार अनाउंसमेंट भी करता रहेगा. साथ ही, एसडीआरएफ की टीमें यहां निरीक्षण करती रहेंगी.
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