भाजपा से निराश संजयन ने निर्दल ताल ठोंकी:MLC चुनाव में CBSE, CISCE स्कूलों को आधार बनाया; अपनी कार से उतारा BJP का झंडा
पिछले लगभग 4 सालों से भाजपा में सक्रिय रहकर टिकट का दावा कर रहे डा. संजयन त्रिपाठी को बड़ा झटका लगा है। भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद संजयन ने अपना दुख व्यक्त किया था। पहली अक्टूबर को उन्होंने सभा में भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाई है। संजयन ने अपनी जीत का दावा क

पिछले लगभग 4 सालों से भाजपा में सक्रिय रहकर टिकट का दावा कर रहे डा. संजयन त्रिपाठी को बड़ा झटका लगा है। भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद संजयन ने अपना दुख व्यक्त किया था। पहली अक्टूबर को उन्होंने सभा में भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाई है। संजयन ने अपनी जीत का दावा किया है। इसके लिए डा. संजयन ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) के अंतर्गत संचालित स्कूलों को अपना आधार बनाया है। नवल्स ग्रुप से वह खुद स्कूलों व कालेजों की श्रृंखला का संचालन करते हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि इन स्कूलों के शिक्षक उनके पक्ष में मतदान करेंगे। डॉ. संजयन त्रिपाठी विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। देवरिया जिले के मठलार डिग्री कॉलेज में वह हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष भी हैं। उनके करीबी रिश्तेदार भी स्कूलों की श्रृंखला का संचालन करते हैं। खुद शिक्षक होने और शैक्षणिक संस्थाओं का संचालक होने के नाते उन्हें मजबूत प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। एडेड विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों के शिक्षकों की संख्या अधिक है। ऐसे में डा. संजयन ने निर्दल ही ताल ठोंक दी है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पहले आए थे भाजपा में डा. संजयन त्रिपाठी ने 2022 में भाजपा की सदस्यता ली थी। 2023 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने थे। वह टिकट के दावेदार थे लेकिन अंत समय में टिकट देवेंद्र प्रताप सिंह को मिला। टिकट की घोषणा होने के बाद डा. त्रिपाठी ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले वह दो बार यह चुनाव लड़ चुके थे और दोनों ही बार इसी प्रत्याशी के सामने रनर रहे थे।
2010 में पहली बार डा. त्रिपाठी यह चुनाव लड़े थे। उस समय देवेंद्र प्रताप सिंह सपा के कैंडिडेट थे। उन्होंने दूसरी बाद जीत हासल की थी। डा. संजयन त्रिपाठी दूसे स्थान पर रहे। अगले चुनाव में यानी 2016 में वह फिर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आए और इस बार भी वह दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने उनका समर्थन किया था। इस बार टिकट नहीं मिला तो हो गए निराश
डा. संजयन को आश्वासन था कि उन्हें शिक्षक एमएलसी के लिए टिकट दिया जाएगा। लेकिन इस क्षेत्र से तीन बार शर्मा गुट से एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी को टिकट मिल गया। शर्मा गुट आमतौर पर किसी पार्टी के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ता था लेकिन निजी विद्यालयों के वोटरों की संख्या अधिक होने के बाद शर्मा गुट से तीन बार एमएलसी रहे ध्रुव त्रिपाठी ने राजनीतिक दल का हाथ थाम लिया। उधर, टिकट न मिलने से डा. संजयन त्रिपाठी निराश हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत कष्ट है। इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत से नामांकन किया है। अब सार्वजनिक रूप से भाजपा का झंडा भी अपनी गाड़ी से उतार दिया। फेसबुक पेज के बायो से भी भाजपा का नाम और तस्वीरें हट चुकी हैं। जानिए कब-कब चुनाव लड़े डा. संजयन त्रिपाठी
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