3 अक्टूबर 2026, 7:49 PM
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मऊ में 5 महीने में 18,535 राजस्व वाद निपटाए:डीएम बोले-लोगों को बार-बार न लगाना पड़े चक्कर

मऊ में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के निर्देशों के बाद राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आई है। 6 मई से 23 सितंबर 2026 तक जिले के अलग-अलग राजस्व न्यायालयों में 18,535 राजस्व वादों का निपटारा किया गया। प्रशासन के मुताबिक, इस दौरान पुराने और नए दोनों तरह के मामलों को निपटाने पर जोर दिया गया। 6 मई 2026 को जिले के सभी

मऊ में 5 महीने में 18,535 राजस्व वाद निपटाए:डीएम बोले-लोगों को बार-बार न लगाना पड़े चक्कर
स्रोत: dainik bhasker category
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मऊ में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन के निर्देशों के बाद राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आई है। 6 मई से 23 सितंबर 2026 तक जिले के अलग-अलग राजस्व न्यायालयों में 18,535 राजस्व वादों का निपटारा किया गया। प्रशासन के मुताबिक, इस दौरान पुराने और नए दोनों तरह के मामलों को निपटाने पर जोर दिया गया। 6 मई 2026 को जिले के सभी 25 राजस्व न्यायालयों में कुल 16,368 मामले लंबित थे। इसके बाद 23 सितंबर तक 17,331 नए मामले दर्ज हुए। इस तरह इस अवधि में कुल 33,699 मामले निपटारे के लिए सामने आए, जिनमें से 18,535 का निपटारा हो चुका है। 23 सितंबर तक जिले के विभिन्न न्यायालयों में कुल 15,164 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी न्यायालय में 6 मई को 422 मामले लंबित थे। 23 सितंबर तक 197 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 287 मामलों का निपटारा किया गया। इससे शुरुआती लंबित मामलों की तुलना में 90 मामलों की कमी आई है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय में इस अवधि में 207 नए मामले दर्ज हुए और 100 मामलों का निपटारा हुआ। 385 मामलों का निपटारा वहीं, मुख्य राजस्व अधिकारी न्यायालय में 133 नए मामले दर्ज होने के बावजूद 226 मामलों का निपटारा किया गया। इससे लंबित मामलों में 93 की कमी दर्ज की गई। जनपद स्तरीय अपर उप जिलाधिकारी न्यायालय में 263 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 385 मामलों का निपटारा किया गया। समय पर निपटारा करने के निर्देश यहां लंबित मामलों में 122 की कमी आई है। जिलाधिकारी ने सभी पीठासीन अधिकारियों को न्यायालयों का सही तरीके से संचालन करने और पुराने व लंबित मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खासकर तीन और पांच साल से ज्यादा पुराने राजस्व वादों को जल्द निपटाने को कहा है। बार-बार न्यायालय के चक्कर उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय के बाद भी मामले लंबित मिलने पर संबंधित पीठासीन अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि राजस्व मामलों के जल्द निपटारे से आम लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें बार-बार न्यायालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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