मथुरा के छाता में शुगरमिल में घुसे किसान:रात में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया, शुरू कराने की मांग के लिए सुबह ट्रैक्टर से पहुंचे
मथुरा के छापा में बंद पड़ी शुगर मिल को शुरू कराने के लिए किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया है। पिछले 40 दिन से धरना दे रहे किसानों ने रविवार की सुबह से ही आंदोलन तेज कर दिया। आसपास से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर मिल के पास पहुंचने लगे। किसान लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। किसानों के लगातार इकट्ठा होने से प्रशासन

मथुरा के छापा में बंद पड़ी शुगर मिल को शुरू कराने के लिए किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया है। पिछले 40 दिन से धरना दे रहे किसानों ने रविवार की सुबह से ही आंदोलन तेज कर दिया। आसपास से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर मिल के पास पहुंचने लगे। किसान लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। किसानों के लगातार इकट्ठा होने से प्रशासनिक अमला मौके पर अलर्ट हो गया है। इसके पहले रविवार देर रात पुलिस और प्रशासन ने खत्म कराने की बात कही थी। जबकि किसानों का आरोप है कि रात करीब 3 बजे पुलिस धरना स्थल पर पहुंची और वहां सो रहे प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और टेंट, माइक समेत धरना स्थल का सामान भी हटा दिया। धरना दे रहे सूबेदार कर्मयोगी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उनका कहना है कि पुलिस और सादा कपड़ों में मौजूद लोगों ने धरना स्थल पर रखा सामान फेंक दिया और जमीन भी खोद दी। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। 5 तस्वीर देखिए… जिस शुगर मिल के लिए आंदोलन वह 18 साल से बंद जिस छाता शुगर मिल को फिर से शुरू कराने के लिए आंदोलन हो रहा है, वह 1975 में बनी थी। इसका शुभारंभ 1978 में हुआ। इसके बाद यह मिल 2008 तक चली। उसके बाद से यह बंद है। पिछले 18 साल से बंद यह मिला आगरा मंडल की एक मात्र मिल है। इसको तत्कालीन बसपा सरकार ने घाटे का सौदा बताते हुए बंद कर दिया। इसके बाद लगातार शुरू करने की मांग उठती रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा की थी। लेकिन शुरू न होने पर किसान आक्रोशित हो गए। इस मिल को शुरू करने का पिछले मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में डबल प्लांट इथेनॉल का शुरू करने का प्रस्ताव पास किया है। लेकिन किसान कह रहे हैं केवल यहां शुगर मिल चले। किसानों का कहना है इससे क्षेत्र के किसानों के साथ साथ 70 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों के धरना-प्रदर्शन से जुड़ी अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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