1 नवंबर 2026, 8:28 PM
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मनीषा विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय:आखिरी 3 मिनट में जीता मुकाबला; 4 साल पहले पिता को खोया, पर उनका सपना पूरा किया

मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 8-6 से हराया। 29 साल की मनीषा मुकाबले के एक समय 1-5 से पीछे थीं। लेकिन उन्होंने आखिरी 3 मिनट में 7 पॉइंट हासिल कर मुकाबला अप

मनीषा विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग जीतने वाली पहली भारतीय:आखिरी 3 मिनट में जीता मुकाबला; 4 साल पहले पिता को खोया, पर उनका सपना पूरा किया
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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मनीषा भानवाला विमेंस वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने शुक्रवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अमेरिका की एबिगेल नेट को 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 8-6 से हराया। 29 साल की मनीषा मुकाबले के एक समय 1-5 से पीछे थीं। लेकिन उन्होंने आखिरी 3 मिनट में 7 पॉइंट हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ मनीषा ने अपने पिता सुरेश का सपना पूरा किया। उनके पिता चाहते थे कि बेटी एक दिन वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन बने। 17 अप्रैल 2022 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। 39 साल बाद मिला गोल्ड पिता की मौत के 24 घंटे बाद एशियन चैंपियनशिप जीती थी मनीषा के कुश्ती में आने की शुरुआत उनके पिता सुरेश की वजह से हुई थी। 2013 में उन्होंने बेटी को फिटनेस सुधारने के लिए कुश्ती के ट्रेनिंग कैंप में भेजा था। धीरे-धीरे कुश्ती मनीषा के लिए फिटनेस से आगे बढ़कर करियर बन गई। इस सफर में रोहतक का छोटूराम अखाड़ा और कोच मंदीप सिंह अहम रहे। मनीषा ने जापानी कोच कोसेई अकाइशी के मार्गदर्शन में भी अपनी कुश्ती की तकनीक पर काम किया। 2022 में पिता के निधन के 24 घंटे बाद ही मनीषा ने एशियन चैंपियनशिप खेली और गोल्ड मेडल जीती। एशियन गेम्स में हार के बाद बदला वजन वर्ग मनीषा के लिए 2026 का साल आसान नहीं रहा। एशियन गेम्स में उन्होंने 57 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। क्वार्टर फाइनल में उन्हें जापान की अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उन्होंने 59 किलोग्राम वर्ग चुना। इससे पहले वह 62 किलोग्राम में भी खेल चुकी थीं। फाइनल तक का सफर भी रहा दमदार 59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा ने फाइनल तक पहुंचने के लिए लगातार तीन मुकाबले जीते। कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को उन्होंने पिनफॉल से हराया। क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू को 6-0 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में मेजबान कजाकिस्तान की अल्टिन शागायेवा को 10-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… भारत की टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ी हार टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 87 रन की हार झेलनी पड़ी है। यह टी-20 में कीवियों के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछला रिकॉर्ड 80 रन का था। जो 2019 में वेलिंग्टन में बना था। पूरी खबर पढ़ें…
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