मेरठ कचहरी गेट के सामने पाइपलाइन से रास्ता बंद:व्यापारियों ने जताया विरोध, कहा- हटाया नहीं तो करेंगे आंदोलन
मेरठ में वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित कचहरी गेट के सामने मेरठ कॉलेज की दुकानों के पास पानी की पाइपलाइन डालने को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया। व्यापारियों का आरोप है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत पाइपलाइन भूमिगत डाली जानी थी, लेकिन मार्केट के मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन ऊपर डाल दी गई। व्यापारियों के अनुसार मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन पड़ने स

मेरठ में वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित कचहरी गेट के सामने मेरठ कॉलेज की दुकानों के पास पानी की पाइपलाइन डालने को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया। व्यापारियों का आरोप है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत पाइपलाइन भूमिगत डाली जानी थी, लेकिन मार्केट के मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन ऊपर डाल दी गई। व्यापारियों के अनुसार मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन पड़ने से दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों के वाहन भी दुकान परिसर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने कचहरी परिसर में एकत्र होकर मामले में कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि सीएम ग्रिड योजना में बिजली के तार और पानी की पाइपलाइन जमीन के अंदर डालने की बात कही गई है। इसके बावजूद मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन डाल दी गई। उनका आरोप है कि जल निगम के अधिकारियों से पाइपलाइन हटाने का मौखिक अनुरोध किया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन से दुकानों तक पहुंचना मुश्किल व्यापारियों ने बताया कि मार्केट में अधिवक्ताओं के चैंबर के अलावा कंप्यूटर जॉब वर्क और अन्य दुकानें हैं। मुख्य रास्ते पर पाइपलाइन होने के कारण ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। दुकानदारों के वाहन भी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पाइपलाइन हटवाने और रास्ता खुलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सीएम ग्रिड के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कुछ समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट पहले भी सवाल उठा चुके हैं। व्यापारियों के अनुसार इसी करीब दो किलोमीटर के हिस्से का निर्माण कार्य एक साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। कुछ दिन पहले आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. संदीप पहल ने निर्माण कार्य में देरी को लेकर सड़क की ‘बरसी’ भी की थी। उनका आरोप था कि तय समय के बावजूद काम पूरा नहीं किया गया।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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