महानगर उपाध्यक्ष को हटाने के लेटर से सपा में हड़कंप:आगरा में पत्र वायरल हुआ; महानगर अध्यक्ष बोले-AI से बनाया गया, FIR कराऊंगा
समाजवादी पार्टी आगरा महानगर की टीम में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को महानगर उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए जाने का एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेटर महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के लेटरहेड पर जारी बताया गया है। हालांकि शब्बीर अब्बास ने इसे फर्जी बताया है।

समाजवादी पार्टी आगरा महानगर की टीम में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को महानगर उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए जाने का एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेटर महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के लेटरहेड पर जारी बताया गया है। हालांकि शब्बीर अब्बास ने इसे फर्जी बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने राम नरेश यादव को निष्कासित नहीं किया और न ही ऐसा कोई पत्र जारी किया है। उनके मुताबिक, पत्र AI की मदद से तैयार किया गया है। फर्जी पत्र बनाने और वायरल करने वाले के खिलाफ FIR कराई जाएगी। अब विस्तार से पढ़िये... यूपी विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आते ही सपा विपक्षी दलों के खिलाफ हमलावार है। सपा नेता हर दिन किसी ने किसी मुद्दे पर प्रतिद्वंद्वी दलों को घेर रहे हैं। मगर, सपा के अंदर ही कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। पिछले एक महीने में महानगर की टीम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। पहले सपा अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव मोनिका नाज खान ने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। 57 सेकंड के वीडियो में उन्होंने तीन दिन में सम्मान और न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। इसके बाद महानगर के दो उपाध्यक्ष जमील खान और नासिर उर्फ रोहित ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मोनिका नाज खान पर उत्पीड़न और प्रताड़ना का आरोप लगाया। इन दोनों उपाध्यक्षों ने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास को भी कटघरे में खड़ा किया था। महानगर की टीम में नया बखेड़ा सपा महानगर की टीम में सोमवार सुबह नया बखेड़ा खड़ा हो गया। महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के लेटर हेड पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें महानगर उपाध्यक्ष राम नरेश यादव को पार्टी से निष्कासित करने की सूचना दी गई। इसमें कहा गया, 'राम नरेश यादव पुत्र रामजीलाल निवासी सोहल्ला, आगरा कैंट को पार्टी में अनुशासहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के कारणों के चलते पार्टी से निष्कासित किया जाता है और पार्टी के पदों से मुक्त किया जाता है।'
ये लेटर 28 सितंबर की तारीख को जारी किया गया। पार्टी ने नेताओं ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा सपा के वरिष्ठ नेता अनिल रावत ने इस निष्कासन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने निष्कासन लेटर को अपलोड करते हुए लिखा है, 'र्टी से निष्कासन करने का अधिकार शहर अध्यक्ष को कतई नहीं होता। जो व्यक्ति पार्टी मैं इनके आने से पूर्व दशकों से सक्रिय है, उसके लिए ये भाषा अनुचित है और पार्टी के ख़िलाफ़ है ये कृत्य। इसका विरोध हर सपाई करेगा।रही पद की बात तो जल्द ही और बड़ा पद मिलेगा, ये भी देख लेना।' महानगर अध्यक्ष ने किया खंडन इधर, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का कहना है, मैंने किसी को निष्कासित नहीं किया है, न ही कोई लेटर जारी किया है। किसी ने AI से बनाकर फर्जी लेटर जारी कर दिया है। इसकी जांच की जा रही है। फर्जी लेटर जारी करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
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