1 नवंबर 2026, 9:23 PM
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योगी सरकार में नौकरी नहीं, रोजगार देने का सपना! जौनपुर की सुप्रिया के आइडिया ने जीता दिल

उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में 'यूपी राइज 2026' एक नया मंच बन रहा है. शुक्रवार को जौनपुर के तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने अपने स्टार्टअप और नवाचार के विचार पेश किए. प्रतियोगिता में जौनपुर की छात्रा सुप्रिया ने पहला स्थान हासि

योगी सरकार में नौकरी नहीं, रोजगार देने का सपना! जौनपुर की सुप्रिया के आइडिया ने जीता दिल
स्रोत: abp news world
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उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में 'यूपी राइज 2026' एक नया मंच बन रहा है. शुक्रवार को जौनपुर के तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने अपने स्टार्टअप और नवाचार के विचार पेश किए. प्रतियोगिता में जौनपुर की छात्रा सुप्रिया ने पहला स्थान हासिल किया. उन्हें 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. सुप्रिया ने पारंपरिक क्रोशिया कला को आधुनिक उत्पादों से जोड़कर अपना स्टार्टअप आइडिया पेश किया.

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना था. इसमें कृषि, हस्तशिल्प, मेडिकल, प्रबंधन, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों के विचार सामने आए. कुल 11 स्टार्टअप और नवाचार प्रस्तुत किए गए. आयोजकों के मुताबिक, यह मंच युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने का अवसर दे रहा है.

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क्रोशिया कला को आधुनिक रूप देकर जीता पहला पुरस्कार

तिलकधारी कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सुप्रिया ने पारंपरिक क्रोशिया क्राफ्ट को नए उत्पादों से जोड़ा. उन्होंने इस कला से फोन कवर, कोस्टर और हेयर क्लिप जैसे सामान बनाने का आइडिया पेश किया. निर्णायकों ने उनके नवाचार को पहला स्थान दिया. उन्हें 25 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया.

सुप्रिया ने बताया कि वह पुरस्कार की राशि अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में लगाएंगी. उनका प्रयास पारंपरिक हस्तकला को नया बाजार देना और इससे रोजगार के अवसर तैयार करना है. प्रतियोगिता में कौशल को सेकेंड रनर-अप का स्थान मिला, जबकि सुजल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया.

युवाओं को नौकरी देने वाला बनने का संदेश

कार्यक्रम का शुभारंभ मेंटॉर ज्योति तिवारी रस्तोगी, अनुपम रघुवंशी और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह ने किया. मेंटॉर ज्योति तिवारी रस्तोगी ने युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आज युवाओं के पास ऐसे मंच और सुविधाएं हैं, जो उनके समय में उपलब्ध नहीं थीं.

ज्योति तिवारी रस्तोगी 'इंजीनियस वर्कज' की संस्थापक और सीईओ हैं. उन्हें स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने महिला स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी काम किया है.

स्टार्टअप से पहले मार्केट रिसर्च जरूरी

दूसरे मेंटॉर अनुपम रघुवंशी ने युवाओं को अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले बाजार की जरूरत समझना जरूरी है. इसके लिए गहन मार्केट रिसर्च करनी चाहिए. उन्होंने नए विचारों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर भी जोर दिया.

रघुवंशी करियर हेल्पलाइन के संस्थापक हैं. उन्हें करियर काउंसलिंग, उद्यमिता और नेतृत्व विकास का दो दशक से अधिक अनुभव है. उन्होंने युवाओं से लगातार सीखने और आगे बढ़ने की अपील की.

11 स्टार्टअप आइडिया से रोजगार की नई उम्मीद

कार्यक्रम में ऑक्टो फ्लो, मशरूम फार्मिंग, क्राफ्ट विद सुप्रिया, कृषि नेत्र, फ्रेश फोल्ड, इंस्टेंट कारीगर, डीजी दुकान और AI ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे विचार पेश किए गए. ये आइडिया कृषि, शिक्षा, तकनीक, आपदा प्रबंधन और उद्योग से जुड़े थे.

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष 'शक्ति जोन' भी बनाया गया. यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने सपने और सुझाव लिखे. आयोजन ने युवाओं को अपने विचार साझा करने और उन्हें कारोबार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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