3 अक्टूबर 2026, 3:25 PM
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यूपी के पढ़े-लिखे युवा किसके साथ:विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले होगा क्लियर; MLC चुनाव में दिखेगी 2027 की सियासी हवा

यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से महीनेभर पहले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए चुनाव का ऐलान हो गया है। इसे सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा के लिए एक बड़ा 'लिटमस टेस्ट' माना जा रहा है। दोनों ही पार्टियां पिछले एक साल से इन सीटों को जीतने की बिसात बिछा रही थीं। खास बात यह है कि इस चुनाव में आम जनता के

यूपी के पढ़े-लिखे युवा किसके साथ:विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले होगा क्लियर; MLC चुनाव में दिखेगी 2027 की सियासी हवा
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से महीनेभर पहले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए चुनाव का ऐलान हो गया है। इसे सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा के लिए एक बड़ा 'लिटमस टेस्ट' माना जा रहा है। दोनों ही पार्टियां पिछले एक साल से इन सीटों को जीतने की बिसात बिछा रही थीं। खास बात यह है कि इस चुनाव में आम जनता के बजाय प्रदेश के पढ़े-लिखे युवा, शिक्षक और ऐसे सभी लोग वोट डालेंगे जो कम से कम ग्रेजुएट हैं। ऐसे में इसके नतीजे सीधे तौर पर यह बताएंगे कि राज्य का प्रबुद्ध और युवा वर्ग किस पार्टी के साथ खड़ा है। जानिए किन 11 सीटों पर होना है मुकाबला विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव घोषित हुआ है, उनमें 5 स्नातक खंड की और 6 शिक्षक खंड की सीटें हैं। 10 लाख वोटर तय करेंगे दिग्गजों की साख इस 'मिनी-जनादेश' में 10 लाख से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक क्षेत्र का वोटर बनने के लिए डिग्री हासिल किए 3 साल पूरे होना जरूरी हैं। जबकि शिक्षक क्षेत्र में सिर्फ पढ़ा रहे शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं। रैलियां नहीं, व्यक्तिगत संपर्क से चलेगा काम वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल के मुताबिक, विधान परिषद के इस खास चुनाव का ढर्रा आम चुनावों से काफी अलग होता है। इन सीटों पर बड़े नेताओं या मंत्रियों के रोड शो और जनसभाएं काम नहीं आतीं। यहां व्यक्तिगत संपर्क, मैसेजिंग और राजनीतिक नेटवर्क ही सबसे बड़ा हथियार होता है। शिक्षक और स्नातक वोटर अपनी सोच और प्राथमिकताओं के आधार पर ही मोहर लगाते हैं। भाजपा के गढ़ में सपा-निर्दलीय जीत चुके हैं इस चुनाव में सत्तारूढ़ दल थोड़ा फायदा तो मिलता है, लेकिन नतीजे कई बार चौंकाने वाले भी रहे हैं। 2020 के MLC चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्नातक सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा था। वहां शिक्षक दल के उम्मीदवार ने बाजी मारी थी। यही वजह है कि दोनों ही दल किसी भी सीट को हल्का मानने की भूल नहीं कर रहे हैं। MLC चुनाव के लिए 1 साल से तैयारी कर रही भाजपा भाजपा प्रवक्ता समीर सिंह बताते हैं- विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी ने एक साल पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। हमने 5 सीट पर प्रत्याशी भी घोषित कर दिए हैं। बची हुई सीटों पर भी जल्द प्रत्याशी घोषित होंगे। भाजपा इस बार पहले से ज्यादा सीटें जीतकर आएगी। युवा, शिक्षक, महिला सभी वर्ग भाजपा के साथ हैं। ये वर्ग सपा को सबक सिखाएंगे। वहीं, सपा MLC और इलाहबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र से उम्मीदवार डॉ. मान सिंह यादव कहते हैं- इस बार चुनाव जनता-सपा बनाम भाजपा होने जा रहा है। ये पढ़े-लिखों का चुनाव है। भाजपा ने 26 हजार स्कूल बंद किए। 69 हजार शिक्षक भर्ती में घपला किया। 2027 के माहौल पर क्या पड़ेगा असर वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं- यह चुनाव सिर्फ 11 MLC चुनने का जरिया नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 'माहौल' तैयार करने वाला है। अगर भाजपा अपनी सीटें बढ़ाती है, तो यह संदेश जाएगा कि राज्य का पढ़ा-लिखा युवा और शिक्षक वर्ग योगी सरकार की नीतियों से खुश है। वहीं, अगर सपा इन सीटों पर बढ़त बनाती है, तो उसे 2027 चुनाव से ठीक पहले एक मजबूत मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल जाएगी। इसके अलावा इन नतीजों के जरिए दोनों ही दलों को अपनी कमियों को पहचानने और अगले दो महीनों में अपनी चुनावी रणनीति दुरुस्त करने का मौका भी मिलेगा। सपा ने सभी सीटों पर उतारे प्रत्याशी, भाजपा-कांग्रेस ने 5-5 उम्मीदवार घोषित किए ------------------------- यह खबर भी पढ़ें- यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान, MLC की 11 सीटों पर भी तारीख घोषित चुनाव आयोग ने यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। 16 अक्टूबर को वोटिंग होगी, नतीजे भी उसी दिन आएंगे। इसके साथ ही शिक्षक और स्नातक MLC की 11 सीटों पर भी चुनाव की घोषणा हो गई है। 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। पढ़िए पूरी खबर…
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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