यूपी के 17 जिलों में सूखा, 68% तक कम बारिश:जौनपुर, शामली, गाजियाबाद में ‘गंभीर’ स्थिति; इसका पूरे प्रदेश पर क्या असर होगा?
मानसून का सीजन खत्म हो चुका है। यूपी में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बावजूद 17 जिलों में सूखे के आसार हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 30 सितंबर को सर्वे के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर 31 अक्टूबर तक इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। तो 17 जिलों में सूखा पड़ने से पूरे यूपी पर क्या असर पड़ेगा? सूखा घोषित होने

मानसून का सीजन खत्म हो चुका है। यूपी में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बावजूद 17 जिलों में सूखे के आसार हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 30 सितंबर को सर्वे के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर 31 अक्टूबर तक इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। तो 17 जिलों में सूखा पड़ने से पूरे यूपी पर क्या असर पड़ेगा? सूखा घोषित होने की सरकारी प्रक्रिया क्या है? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल-1: किसी इलाके को सूखाग्रस्त घोषित करने के मानक और प्रक्रिया क्या है? जवाब: सूखा घोषित करने के लिए केवल बारिश की कमी काफी नहीं होती। इसके लिए कृषि विभाग, मौसम विभाग और राजस्व अधिकारी इलाके में फसलों के नुकसान, बारिश की कमी और मिट्टी की नमी का आकलन करते हैं। इसके लिए 3 स्टेप्स से गुजरना पड़ता है… पहला स्टेप- इलाके में बारिश की कमी का आकलन किया जाता है। इलाके में बारिश की 25% या उससे ज्यादा कमी को सूखे का पहला इंडिकेटर माना जाता है। दूसरा स्टेप- कम बारिश की वजह से खेती-किसानी पर हुए असर का आकलन किया जाता है। इसमें फसल बुवाई का एरिया, सैटेलाइट मैपिंग, इलाके की नदी-तालाब आदि की स्थिति आंकी जाती है। तीसरा स्टेप- प्रभावित तहसील या जिले के कम से कम 10% गांवों में फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाई जाती है। 50% या उससे ज्यादा नुकसान को 'गंभीर सूखा' माना जाता है। सवाल-2: अभी यूपी की क्या स्थिति है? जवाब: इस साल यूपी समेत पूरे देश में मानसूनी बारिश की स्थिति काफी विरोधाभासी रही है। बारिश के असमान पैटर्न के कारण यूपी बाढ़ और सूखे के दोहरे संकट से जूझ रहा है। आधे राज्य (38 जिलों) में सामान्य से ज्यादा बारिश है, वहीं बाकी जिलों (37 जिलों) के किसान सूखे के मानकों के तहत सरकारी राहत के इंतजार में हैं। सवाल-3: सूखे की वजह से यूपी की सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ सकता है? जवाब: यूपी के 17 जिलों में सूखा पड़ने का असर केवल इन इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका चेन रिएक्शन पूरे राज्य की खाद्य आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सवाल-4: सूखाग्रस्त घोषित होने से इलाके में क्या बदल जाता है? जवाब: सरकार जिस जिले या तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित करती है, वहां का पूरा प्रशासनिक ढांचा 'आपदा प्रबंधन मोड' में आ जाता है। इसे 5 बदलावों से समझ सकते हैं… ------------------------------------------------------ ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… भाजपा को ‘सरप्राइज’ देने की तैयारी में अखिलेश: 10 विधायक तोड़कर राज्यसभा में तीसरी सीट जीतेंगे...?; क्या है पूरा प्लान यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव है। इसके प्रत्याशियों को लेकर सोमवार (28 सितंबर) को जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो वे बोले, ‘सरप्राइज के लिए तैयार रहिए…।’ तो क्या है अखिलेश के इसी ‘सरप्राइज प्लान’, पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
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