3 अक्टूबर 2026, 5:41 PM
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रामपुर में आरडीए ने दो निर्माणाधीन भवन सील किए:पहाड़ी और डूंगरपुर में हुई कार्रवाई

रामपुर। अनधिकृत निर्माण के खिलाफ रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। पहली कार्रवाई सोमवार शाम करीब 4 बजे की गई, जबकि प्राधिकरण के द्वारा ने इसकी जानकारी सहायक अभियान मनोज कुमा सिसौदिया ने सोमवार रात करीब 9 बजे दी। कार्रवाई डीएम एवं आरडीए उपाध्यक्ष के निर्देश

रामपुर में आरडीए ने दो निर्माणाधीन भवन सील किए:पहाड़ी और डूंगरपुर में हुई कार्रवाई
स्रोत: dainik bhasker category
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रामपुर। अनधिकृत निर्माण के खिलाफ रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। पहली कार्रवाई सोमवार शाम करीब 4 बजे की गई, जबकि प्राधिकरण के द्वारा ने इसकी जानकारी सहायक अभियान मनोज कुमा सिसौदिया ने सोमवार रात करीब 9 बजे दी। कार्रवाई डीएम एवं आरडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर की गई। इस दौरान थाना सिविल लाइंस से पुलिस बल भी मौजूद रहा। आरडीए के अनुसार, ग्राम पहाड़ी से पहले रामपुर की ओर सड़क के बाईं तरफ फिरोज द्वारा करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बड़े हॉल का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण की छत डाली जा चुकी थी। वहीं ग्राम डूंगरपुर में सरदार जी द्वारा करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में मकान का निर्माण कराया जा रहा था। दोनों निर्माणों को प्राधिकरण की ओर से अनधिकृत मानते हुए पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस जारी होने के बाद दोनों मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई। सुनवाई के बाद प्राधिकरण के सचिव ने दोनों निर्माणों को सील करने के आदेश पारित किए। इन्हीं आदेशों के अनुपालन में सोमवार को आरडीए की टीम दोनों स्थानों पर पहुंची। पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने निर्माणाधीन भवनों पर सील लगाने की कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई के दौरान आरडीए के सहायक अभियंता मनोज कुमार शिशोदिया, अवर अभियंता और थाना सिविल लाइंस की पुलिस मौजूद रही। अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण की ओर से बिना स्वीकृति निर्माण कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आरडीए ने लोगों से अपील की है कि भवन या भूखंड खरीदने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र और ले-आउट की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। अधिकारियों ने अनधिकृत भूखंडीय विकास में बने भवन या भूखंड की खरीद-फरोख्त से बचने की सलाह दी है। स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र वाले भवन या भूखंड की ही खरीद करने से लोगों को आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई जैसी परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।
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