लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:लखनऊ में राजभर के आवास का घेराव, बोले- राजभर चाचा न्याय करो; पुलिस से धक्का-मुक्की
लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। वे उनके घर के बाहर बैठ गए और नारे लगाए- ‘राजभर चाचा न्याय करो।’ अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारिय

लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। वे उनके घर के बाहर बैठ गए और नारे लगाए- ‘राजभर चाचा न्याय करो।’ अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से हटाकर ईको गार्डन भेज दिया। उन्होंने पुलिस पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया और उनसे मुलाकात की। अभ्यर्थी 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… ‘मंत्री-अधिकारियों ने घोटाला माना' प्रदर्शन में शामिल नवीन ने कहा कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी। बैठक में दोनों विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों ने भी माना कि भर्ती में घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य पिछड़ा आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग भी इस मामले को मान चुके हैं। अब सरकार के मंत्री और अधिकारी भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी क्यों नहीं दी जा रही है। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’ आशुतोष वर्मा ने कहा कि जब तक भर्ती शेड्यूल जारी नहीं हो जाएगा संघर्ष जाएगा हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। ‘5% छूट देने की मांग’ प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षा के पासिंग मार्क्स में 5% की छूट दी जाए। उनका कहना है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40% अंक पर परिणाम संशोधित कर नई चयन सूची जारी की जाए।
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