वाराणसी पहुंचा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक:लड़कियां डांसकर रील बना रहीं, 80 KM के रूट में 2 फुट ओवरब्रिज हटेंगे; सड़क चौड़ी हो रही
यूपी में इन दिनों 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक चर्चा में है। इस विशाल ट्रक पर करीब 200 टन वजन का वेसल लदा है, जिसे बेल्जियम से मंगाया गया है। पानी के जहाज से ओडिशा पहुंचे इस वेसल को अब सड़क मार्ग से लखीमपुर ले जाया जा रहा है। इसे बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट और एथेनॉल प्लांट में लगाया जाएगा। झारखंड और बिहार होते हुए चंदौली के रास्

यूपी में इन दिनों 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक चर्चा में है। इस विशाल ट्रक पर करीब 200 टन वजन का वेसल लदा है, जिसे बेल्जियम से मंगाया गया है। पानी के जहाज से ओडिशा पहुंचे इस वेसल को अब सड़क मार्ग से लखीमपुर ले जाया जा रहा है। इसे बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट और एथेनॉल प्लांट में लगाया जाएगा। झारखंड और बिहार होते हुए चंदौली के रास्ते यह विशाल ट्रेलर अब वाराणसी पहुंच चुका है। इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि यह करीब एक घंटे में सिर्फ 5 किलोमीटर का सफर तय कर रहा है। रात में ट्रक को रोक दिया जाता है। ऐसे में रोजाना करीब 10 से 12 किलोमीटर ही दूरी तय हो पा रही है। अब वाराणसी में इस ‘बाहुबली’ को आगे निकालना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। डाफी टोल प्लाजा के पास करीब 300 मीटर का वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया है। यहां से ट्रक राजातालाब होते हुए हरहुआ रिंग रोड पहुंचेगा और फिर गाजीपुर की सीमा में दाखिल होगा। वाराणसी से गाजीपुर सीमा तक पहुंचने में करीब 48 घंटे लगने का अनुमान है। वाराणसी में यह ट्रक कितने किलोमीटर चलेगा? रास्ते में कहां-कहां वैकल्पिक रास्ते बनाए जाएंगे? कितने बिजली के पोल हटाए जाएंगे? ओवरफुट ब्रिज की ऊंचाई कैसे बढ़ाई जाएगी? हाईवे पर मौजूद ओवरब्रिज के नीचे से 200 टन वजन वाला यह वेसल आखिर कैसे निकलेगा? पढ़िए रिपोर्ट... पहले पढ़िए, ट्रक ओडिशा से यूपी कैसे पहुंचा यह ट्रक ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग से निकला था। झारखंड में रांची के पास नगड़ी टोल प्लाजा और पिस्का रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने के बाद यह बिहार में दाखिल हुआ। फिर औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर होते हुए चंदौली के नौबतपुर से यूपी में प्रवेश किया। अब बनारस से गाजीपुर और आजमगढ़ होते हुए इसे लखीमपुर खीरी ले जाया जाएगा। इसके बाद विभिन्न जिलों को पार करते हुए ट्रेलर बलरामपुर चीनी मिल पहुंचेगा। इससे पहले भी ट्रेलर के रास्ते में कई जगह पुल, फुट ओवरब्रिज, बिजली की लाइन और सड़क की चौड़ाई चुनौती बनी। कैमूर में इसे निकालने के लिए पुल के कुछ हिस्से को तोड़ने की जरूरत पड़ी थी। जहां सड़क संकरी मिली, वहां पहले तकनीकी टीम ने पहुंचकर रास्ता तैयार किया। इसके बाद ही ट्रेलर को आगे बढ़ाया गया। वाराणसी में भी इसी प्रक्रिया के तहत डाफी टोल प्लाजा से लेकर रिंग रोड तक कई जगह बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रक और वेसल की खासियत क्या है, वो पढ़िए- 100 फीट लंबा और 20 फीट से अधिक ऊंचा वेसल इस ट्रक की सबसे बड़ी खासियत इसका आकार और पहियों की संख्या है। इसमें हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है। करीब 20 ट्रॉलियों को जोड़कर इसे तैयार किया गया है। प्रत्येक ट्रॉली में कई एक्सल हैं और पूरे मॉड्यूलर ट्रेलर में करीब 308 पहिए बताए जा रहे हैं। इसकी एक और खासियत यह है कि इसके पहियों को अलग-अलग दिशा में मोड़ा जा सकता है। इससे भारी-भरकम ट्रेलर को मोड़ने और संकरे रास्तों से निकालने में मदद मिलती है। इसी तकनीक की वजह से इतनी बड़ी मशीन को हाईवे और शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजारा जा रहा है। इस बाहुबली ट्रक पर शुगर मिल में इस्तेमाल होने वाला भारी वेसल लदा है। इसकी लंबाई करीब 100 फीट और ऊंचाई 20 फीट से अधिक बताई जा रही है। वेसल का वजन करीब 200 टन बताया गया है। ट्रक में करीब 400 लीटर क्षमता का ईंधन टैंक है। जरूरत पड़ने पर ट्रेलर को पेट्रोल पंप के पास रोककर डीजल भराया जाता है। पावर यूनिट यानी पुलर को हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर के एक्सल से अलग भी किया जा सकता है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर दूसरे पुलर को जोड़कर सफर जारी रखा जा सकता है। टीम के पास आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त डीजल भी रखा जाता है। ट्रक चालक सुरेश चंद्रा ने बताया कि ट्रक को चलाने में रोज करीब 200 लीटर डीजल खर्च हो रहा है। अब तक डीजल पर 2 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुका है। ट्रेलर के साथ 14 गाड़ियां चल रही हैं। इनमें एक वाहन ऊंचाई और रास्ते की निगरानी के लिए है। 2 जेसीबी, 2 हाइड्रा, दो ट्रेलर, एक क्रेन और सिविल, मैकेनिकल व टेक्निकल टीम के लिए पांच वाहन शामिल हैं। ट्रक को लेकर लोगों में क्या उत्साह है, वो पढ़िए- ट्रक के सामने लड़कियां-महिलाएं डांस करते हुए बना रहीं रील सोमवार को ट्रक वाराणसी पहुंचा। मंगलवार को ट्रक गाजीपुर के लिए रवाना हुआ तो देखने के लिए लोगों की भीड़ हाईवे के किनारे जुट गई। नेशनल हाईवे के किनारे जगह-जगह लोग रुककर इसको देख रहे हैं। कई लोग इसे देखने के लिए करीब 100 किलोमीटर तक का सफर तय करके वाराणसी पहुंचे। जौनपुर से वाराणसी पहुंचे सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस ट्रक की कई रील देखी थीं। जब उन्हें जानकारी हुई कि यह ट्रक वाराणसी से होकर गाजीपुर और फिर लखीमपुर खीरी जाएगा। मैं इसे देखने के लिए वाराणसी चला आया। चंदौली निवासी महेश यादव ने बताया कि मैंने भी इस ट्रक और उस पर लदे वेसल के बारे में काफी सुना था। इसी वजह से मैं इसे देखने यहां आया हूं। हाईवे पर जहां जहां ट्रक रुक रहा है, वहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वीडियो शूट कर रहे हैं। लड़कियां-महिलाएं डांस करते हुए रील बना रही हैं। वाराणसी में कितना सफर तय करेगा, क्या-क्या हटेगा; वो जानिए- 2 फुट ओवरब्रिज ऊपर उठेंगे, सड़क चौड़ी की जा रहीं सोमवार को 200 टन वजनी वेसल (वैक्यूम बॉयलर) वाराणसी पहुंचा। टेंगरा मोड़ पर वह रात भर खड़ा रहा। मंगलवार सुबह ट्रक को राजातालाब से रिंग रोड पर चढ़ाया गया। 100 फीट लंबे और करीब 7 मीटर चौड़े इस ट्रक को निकालने के लिए रास्तों को चौड़ा किया जा रहा है। जहां-जहां सड़कें संकरी हैं, वहां-वहां निर्माण तोड़कर रास्ता चौड़ा किया जा रहा है। वाराणसी में यह ट्रक करीब 80 किमी. का सफर तय करेगा। मंगलवार को डाफी टोल प्लाजा के पास ट्रक को निकालने के लिए करीब 300 मीटर वैकल्पिक रास्ता बनाया गया। वाराणसी-गाजीपुर रूट पर जहां-जहां बिजली के तार-पोल, स्ट्रीट लाइट, फुट ओवरब्रिज, साइनेज बोर्ड हटाए जा रहे हैं। इन्हें चिन्हित किया जा रहा है। वहीं मोहनसराय के पास फुट ओवरब्रिज को क्रेन से ऊपर उठाया जाएगा। हरहुआ से संदहा के बीच 2 फुट ओवरब्रिज को ऊपर किया जाएगा। ट्रक के गुजरने के बाद इनकी दोबारा से मरम्मत कराई जाएगी। ट्रक कहां-कहां से कैसे गुजरेगा, रूट समझिए- एक साल पहले हुआ था रूट का सर्वे
टीम के लोगों के मुताबिक, इस भारी वेसल को सड़क मार्ग से ले जाने के लिए करीब एक वर्ष पहले रूट का सर्वे किया गया था। हालांकि इसके बाद कई जगह सड़क और पुल निर्माण जैसे काम शुरू होने से कुछ स्थानों पर नई चुनौतियां सामने आई हैं। रास्ते में ओवरब्रिज की ऊंचाई, पेड़ों की शाखाएं, बिजली के तार और सड़क की क्षमता जैसी चीजों को लगातार देखा जा रहा है। टीम के साथ तकनीकी कर्मचारी भी चलते हैं, जो आगे के रास्ते की स्थिति के अनुसार जरूरी बदलाव कराते हैं। रिंग रोड की सर्विस रोड पर विपरीत दिशा में चलेगा ट्रक एसीपी ट्रैफिक प्रवीण सिंह ने बताया कि तकनीकी टीम के साथ लगातार रूट का निरीक्षण हो रहा है। टीमें लगी हुईं हैं। सभी अलर्ट मोड पर हैं। डाफी टोल प्लाजा से मोहनसराय तक ट्रेलर अपने रूट पर चलेगा। विपरीत दिशा से रखौना तक ले जाया जाएगा। सर्विस रोड से रिंग रोड पर चढ़ाकर गंजारी तक विपरीत दिशा से जाएगा। फिर हरहुआ चौराहे से बाईं तरफ हनुमान मंदिर तक विपरीत दिशा में चलेगा। शिवपुर-हरहुआ मार्ग की विपरीत सर्विस रोड से रिंग रोड होते हुए संदहा पहुंचेगा। यहां से गाजीपुर पहुंचेगा। फिर यहां से आजमगढ़ जाएगा। इस दौरान चौबेपुर में स्वर्वेद मंदिर के पास के फुट ओवरब्रिज का भी कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। ट्रेलर के गुजर जाने के बाद सभी निर्माण दोबारा होंगे। अब जानिए क्या होता है वेसल …………………………
ये खबर भी पढ़िए- कांग्रेस बोली- काशी में ड्यूटी छोड़कर पुलिसवालों ने देखा डांस:ये भाजपा का मिशन शक्ति, DCP बोले- VIDEO असली नहीं, FIR लिखी वाराणसी में लाट भैरव मंदिर परिसर में लड़कियों ने जमकर डांस किया। आरोप है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले ड्यूटी छोड़कर डांस देखने में मशगूल रहे। वीडियो भी सामने आया है, हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है। कांग्रेस ने इस पर भाजपा और पुलिस विभाग की चुटकी ली है। X पर लिखा, यह भाजपा का मिशन शक्ति है। कानून व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खुल गई है। फिलहाल, काशी पुलिस ने वीडियो से पल्ला झाड़ लिया है। डिप्टी कमिश्नर यानी DCP गौरव बंसवाल ने बताया- वायरल वीडियो AI से बनाया गया है। इसे पुलिस की छवि खराब करने के इरादे से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर
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