2 अक्टूबर 2026, 4:33 PM
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शाहजहांपुर में रात भर जले थे साधुओं के शव:विसरा-डीएनए सुरक्षित, मंदिर संरक्षक-आरोपी के बीच था विवाद, जावनरों को भी पीटता था आरोपी

शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या कर उनके शव जलाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले भी जेल जा चुका था। परिवार के वादे के बावजूद, जेल से बाहर आने के बाद उसने यह वारदात की। दोनों साधुओं के शव रात भर जलने से सिर्फ हड्डियां बची थीं। डॉक्टरों को मौत का कारण पता लगाने में मुश्किल हुई। शवों का विसरा और डीएनए सुर

शाहजहांपुर में रात भर जले थे साधुओं के शव:विसरा-डीएनए सुरक्षित, मंदिर संरक्षक-आरोपी के बीच था विवाद, जावनरों को भी पीटता था आरोपी
स्रोत: dainik bhasker category
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शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या कर उनके शव जलाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले भी जेल जा चुका था। परिवार के वादे के बावजूद, जेल से बाहर आने के बाद उसने यह वारदात की। दोनों साधुओं के शव रात भर जलने से सिर्फ हड्डियां बची थीं। डॉक्टरों को मौत का कारण पता लगाने में मुश्किल हुई। शवों का विसरा और डीएनए सुरक्षित रखा गया है। इस हत्याकांड में आरोपी और मंदिर के संरक्षक के बीच जमीन विवाद सामने आया है। मृतक साधुओं के परिजनों ने कहा कि विवाद चाचा-भतीजे के बीच था, साधुओं का इसमें कोई कसूर नहीं था। ग्रामीणों के मुताबिक, होली से पहले जेल जाने से पहले आरोपी ने बाबा बिहारी दास के तख्त के पास 15 मिनट तक बाइक से चक्कर लगाए थे और जान से मारने की धमकी दी थी। बिहारी दास एक फैर, हाथ और आंख से दिव्यांग थे। गांव में उसकी इतनी दहशत थी कि कोई शिकायत नहीं करता था। ग्रामीणों को डर है कि आरोपी के छूटने पर वह फिर कोई घटना कर सकता है। उसकी पत्नी और बच्चे भी डरे हैं। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार किया था। खेत में बनवाया था मंदिर ग्रामीणों के अनुसार, डेढ़ से दो बीघा खेत है जो गांव के रहने वाले शिवकुमार सिंह का है। आरोपी सुमित उनका भतीजा है। शिवकुमार ने उसी जमीन पर 25 से 30 गज पर मन्दिर बनवा दिया था।मंदिर के पास काफी जमीन है। जिसकी देखरेख साधु करते थे। ग्रामीणों के अनुसार,जब उसने बकरी के कई टुकड़े किये थे तब डर के कारण ग्रामीणों ने थाने में शिकायत नहीं कराई थी। यहां तक कि जब उसको पकड़कर थाने लाया गया। उससे पूछताछ की जा रही थी, तब आरोपी पुलिसकर्मियों को ही घूरकर देखने लगा। आरोपी के परिवार ने कहा कि अगर वह रात में रोटी खा लेता तो शायद ये घटना नहीं होती। इस घटना के बाद एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा और डीआईजी अजय साहनी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मृतक के परिवारों से जानकारी ली। पता चला कि आरोपी का पिता जिला बदर अपराधी रहे चुका है, वह थाने का हिस्ट्रीशीटर था। दरअसल, ये घटना गुरुवार सुबह करीब सात बजे सामने आई थी। जब गांव के एक व्यक्ति ने मंदिर परिसर से धुआं निकलता देखा था। अंदर जाकर देखा तो दोनो साधुओं गोपाल दास और बिहारी दास के कंकाल पड़े थे। तब तक आग ठंडी भी नहीं हुई थी। उसके बाद मंदिर के संरक्षक शिवकुमार सिंह ने गांव के रहने वाले आरोपी सुमित पर हत्या कर शवों को जलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि आरोपी सुमित चाहता था कि बाबा चले जाएं और वह इस मंदिर में रहने लगे। उसने कई बार साधुओं को जाने की धमकी भी दी थी। ----- ये खबर भी पढे़ं शाहजहांपुर में 2 साधुओं की हत्याकर लाश जलाई:भतीजे ने शिव मंदिर में चिता बनाई; 2 घंटे जलते हुए देखता रहा शाहजहांपुर में एक शिव मंदिर में 2 साधुओं की हत्या कर दी गई। इसके बाद मंदिर में ही चिता बनाकर दोनों शवों को जला दिया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे मंदिर से धुआं उठता देखकर गांववाले पहुंचे। एक साधु का शव जल रहा था। दूसरा जलकर कंकाल बन चुका था। पूरी खबर पढ़ें
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