3 अक्टूबर 2026, 5:06 PM
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संभल हिंसा...मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज को SC से राहत:कोर्ट ने कहा- गलत तरीके से लगा NSA रद्द करते हैं, UP सरकार पर 10 लाख का जुर्माना

संभल हिंसा मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है और यूपी की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अफरोज पर लगाया गया NSA रद्द कर दिया। साथ ही यूपी सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। ये फैसला मंगलवार को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता एवं शील नागु न

संभल हिंसा...मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज को SC से राहत:कोर्ट ने कहा- गलत तरीके से लगा NSA रद्द करते हैं, UP सरकार पर 10 लाख का जुर्माना
स्रोत: dainik bhasker category
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संभल हिंसा मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है और यूपी की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अफरोज पर लगाया गया NSA रद्द कर दिया। साथ ही यूपी सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। ये फैसला मंगलवार को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता एवं शील नागु ने सुनाया। जज ने कहा - यूपी सरकार ने गैर-कानूनी तरीके से NSA लगाया है। संभल हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज की तरफ से यूपी सरकार द्वारा NSA लगाए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर फैसला आया है। हिंसा के बाद मुख्य आरोपी माना गया था 24 नवंबर 2024 में संभल के विवादित धार्मिक स्थल श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के मामले में जनवरी 2025 में मुल्ला अफरोज को गिरफ्तार किया गया है। मुल्ला अफरोज को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था, इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के तुरंत बाद अक्टूबर 2025 में यूपी सरकार ने उन पर NSA लगाते हुए दोबारा गिरफ्तार कर लिया था। बीती 9 सितंबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा था कि क्या पुलिस कस्टडी में दिए गए ऐसे बयान को एनएसए के तहत हिरासत का आधार बनाया जा सकता है, जो कानूनी रूप से अदालत में मान्य नहीं होता। सरकार ने कहा था, दोबार हिंसा भड़क सकती है 20 सितंबर को यूपी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि कार्रवाई का बचाव करते हुए कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि मुल्ला अफरोज की रिहाई से क्षेत्र में दोबारा हिंसा भड़कने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की पूरी आशंका थी, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक नजरबंदी जरूरी थी। संभल हिंसा के बारे में जानिए 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ने संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे को बाधित करते हुए हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव-फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। तत्कालीन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित ASP अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। 2026 में लगा था NSA जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेजा गया, जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है। मुल्ला अफरोज पर 16 अक्टूबर 2025 में रासुका लगी, इसके बाद अगस्त 2026 में वारिस और गुलाम पर भी रासुका (NSA) की कार्रवाई की गई है। वहीं शारिक साठा के खिलाफ रेड कॉर्नर लुक आउट नोटिस जारी हो चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था। 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आया था। -------- ये खबर भी पढ़ें फतेहपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 की मौत:मृतकों में 4 भाई, 15 घरों में दरारें, पड़ोसी बोले- जैसे बम फटा हो यूपी के फतेहपुर में सोमवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। गैस सिलेंडर ब्लास्ट से फल विक्रेता का 2 मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। जबकि फल विक्रेता और उसके भतीजे समेत 3 बुरी तरह झुलस गए। घटना शाम करीब 5 बजे की है। पूरी खबर पढ़ें
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