“संविधान का चीरहरण” के जरिए जय भगवान ने उठाए सवाल:बोले- किताब में दस्तावेजों के जरिए रखी गई हैं कई जानकारियां, परिवार की सुरक्षा की भी मांग
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के बुआड़ा खुर्द निवासी जय भगवान अग्रवाल ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नई किताब “संविधान का चीरहरण (व्यवस्था के भीतर का अंधेरा)” के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किताब के माध्यम से उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया है। जय भगवान अग्रवाल ने प्र

मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के बुआड़ा खुर्द निवासी जय भगवान अग्रवाल ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नई किताब “संविधान का चीरहरण (व्यवस्था के भीतर का अंधेरा)” के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किताब के माध्यम से उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया है। जय भगवान अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि किताब में सरकारी व्यवस्था, अधिकारियों की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार और आम लोगों से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि किताब में कई दस्तावेज भी शामिल किए गए हैं, जिन तक पहुंचने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में आम लोगों को सरकारी स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है और शिकायतों की जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने अधिकारी और कथित माफिया गठजोड़ से जुड़े आरोप भी लगाए। दस्तावेज उपलब्ध कराए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकारी जमीन, गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कई विषयों का भी जिक्र किया। जय भगवान अग्रवाल ने कहा कि किताब में इन विषयों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। जय भगवान अग्रवाल ने प्रशासन से खुद और परिवार के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। जय भगवान अग्रवाल इससे पहले भी प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर किताब लिख चुके हैं। उनकी नई किताब में भी उन्होंने अपने अनुभवों और विभिन्न मामलों से जुड़े दस्तावेजों को सामने रखने का दावा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने संबंधित संस्थाओं से इन मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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