हाईकोर्ट बेंच की मांग पर 22 जिलों के वकील हड़तालपर:MP-MLA कोर्ट से भाजपाइयों के वकालतनामे वापस लेंगे, कुछ वकील कर सकते हैं विरोध
मेरठ बार एसोसिएशन ने मंगलवार को नानकचंद सभागार में एक आमसभा की। इसमें कई प्रस्ताव पारित किए गए। तय किया गया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी न होने के विरोध में बुधवार यानी आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे। इसके साथ ही 'बेंच नहीं तो वोट नहीं' के नारे वाले बैनर कचहरी परिसर के प्रवेश द्वार

मेरठ बार एसोसिएशन ने मंगलवार को नानकचंद सभागार में एक आमसभा की। इसमें कई प्रस्ताव पारित किए गए। तय किया गया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी न होने के विरोध में बुधवार यानी आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे। इसके साथ ही 'बेंच नहीं तो वोट नहीं' के नारे वाले बैनर कचहरी परिसर के प्रवेश द्वारों पर लगाए जाएंगे। भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों का प्रवेश भी निषेध किया जाएगा। 3 तस्वीर देखिए…
सभा में यह भी तय हुआ कि एमपी-एमएलए कोर्ट सहित अन्य अदालतों में भाजपा के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों की ओर से जिन अधिवक्ताओं ने वकालतनामे दाखिल किए हैं, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मेरठ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से लेकर जिले के सभी भाजपा जनप्रतिनिधियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए कोई प्रयास या समर्थन नहीं किया है। भविष्य में बेंच की मांग के समर्थन में किसी भी प्रतिनिधि से वकालत न कराने का निर्णय लिया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए वकालतनामे को भी वापस लेने का फैसला किया गया। मेरठ बार एसोसिएशन ने भाजपा से संबंधित उन सभी जनप्रतिनिधियों की सदस्यता जल्द समाप्त करने का भी निर्णय लिया। बेंच की स्थापना को लेकर सहारनपुर में जल्द ही केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक करने की घोषणा भी की गई। अधिवक्ताओं ने बताया कि वे संयुक्त व्यापार संघ और शहर के तमाम संघों के पदाधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक करेंगे।
इस बैठक में जनता और व्यापारियों को बताया जाएगा कि मुख्यमंत्री ने सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण की समस्या के समाधान और हाईकोर्ट बेंच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी है। हालांकि, इस निर्णय का भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने वाले अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। दोनों बार के पदाधिकारी आज कोर्ट से वकालतनामे वापस लेंगे, जिसका भाजपा समर्थक अधिवक्ता विरोध कर सकते हैं।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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