3 अक्टूबर 2026, 6:57 PM
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उत्तर प्रदेश

200 साल पुराने तालाब पर कब्जे का आरोप:कानपुर देहात में ग्रामीण DM कार्यालय पहुंचे, दोबारा सर्वे कराने की मांग

कानपुर देहात के रनिया औद्योगिक क्षेत्र के शेरपुर तरौंदा गांव में करीब 200 साल पुराने तालाब की जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगा है। सोमवार को 25 से 30 ग्रामीण माती मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम से मामले की शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं

200 साल पुराने तालाब पर कब्जे का आरोप:कानपुर देहात में ग्रामीण DM कार्यालय पहुंचे, दोबारा सर्वे कराने की मांग
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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कानपुर देहात के रनिया औद्योगिक क्षेत्र के शेरपुर तरौंदा गांव में करीब 200 साल पुराने तालाब की जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगा है। सोमवार को 25 से 30 ग्रामीण माती मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम से मामले की शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने दोबारा जमीन का सर्वे कराकर तालाब की सही स्थिति साफ करने और कब्जे की कोशिश पर कार्रवाई की मांग की है। डीएम कपिल सिंह ने संबंधित तहसील अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 200 साल पुराना तालाब है। उनकी शिकायत के मुताबिक, भू-माफिया इस तालाब की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायती पत्र में शेरपुर तरौंदा गांव की गाटा संख्या 192क और 192ख की जमीन को तालाब की भूमि बताया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जमीन को पहले मछली पालन के लिए आवंटित किया गया था। बाद में आवंटित जमीन बेच दी गई। अब तालाब की जमीन का स्वरूप बदलकर वहां कमर्शियल निर्माण कराया जा रहा है। शिकायत लेकर पहुंचे अमित सिंह ने बताया कि तहसील स्तर के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। लेकिन, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कार्रवाई न होने से कब्जा करने की कोशिश करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। शेरपुर तरौंदा गांव रनिया औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां जमीनों की कीमतें काफी ज्यादा हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां जमीनों पर कब्जे से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। अब 200 साल पुराने तालाब पर कब्जे के आरोप ने प्रशासन के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने डीएम से दोबारा जमीन का सर्वे कराकर तालाब की सही स्थिति साफ करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर कब्जा पाया जाता है, तो नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। डीएम कपिल सिंह ने तहसील अधिकारियों को मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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