4 नवंबर 2026, 6:08 PM
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26 हिंदू वोटरों के नाम काटने पर बीएलओ सस्पेंड:सांप्रदायिक द्वेष में काटे वोट, जांच में फंसे शिक्षक बीएलओ नफीस खां, डीएम बोले- बख्शेंगे नहीं

देशभर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मची सियासी और प्रशासनिक हलचल के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली से बड़ा मामला सामने आया है। प्रधानी चुनाव की तैयारियों के दौरान शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में तैनात बीएलओ (सहायक अध्यापक) नफीस मोहम्मद खां पर पूर्व प्रधान से सांठगांठ कर सांप्रदायिक दुर्भावनावश हिंदू समुदाय

26 हिंदू वोटरों के नाम काटने पर बीएलओ सस्पेंड:सांप्रदायिक द्वेष में काटे वोट, जांच में फंसे शिक्षक बीएलओ नफीस खां, डीएम बोले- बख्शेंगे नहीं
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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देशभर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मची सियासी और प्रशासनिक हलचल के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली से बड़ा मामला सामने आया है। प्रधानी चुनाव की तैयारियों के दौरान शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में तैनात बीएलओ (सहायक अध्यापक) नफीस मोहम्मद खां पर पूर्व प्रधान से सांठगांठ कर सांप्रदायिक दुर्भावनावश हिंदू समुदाय के 26 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों व वर्तमान प्रधान की शिकायत पर हुई जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी बीएलओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं पूरे प्रकरण पर डीएम अविनाश सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए विस्तृत जांच के बाद कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद खुला खेल शेरगढ़ ब्लॉक के मोहम्मदपुर गांव के मौजूदा प्रधान राहुल गंगवार ने इस धांधली की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आरोप है कि कंपोजिट स्कूल मोहम्मदपुर में सहायक अध्यापक और गांव में बीएलओ के पद पर तैनात नफीस मोहम्मद खां ने पूर्व प्रधान रेहान खां से मिलीभगत कर मोटी रकम ली और गांव के हिंदू मतदाताओं के नाम काट दिए। मामले में पीड़ित वेद प्रकाश, हेमाकली, ललिता देवी, राकेश और ढाकन लाल सहित कई ग्रामीणों ने शपथ पत्र देकर प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा। त्रिसदस्यीय कमेटी की जांच में फंसे शिक्षक, कोई साक्ष्य नहीं दे पाए मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम और बीडीओ स्तर से त्रिसदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जब बीएलओ नफीस खां से 26 वोटरों के नाम सूची से हटाए जाने का कारण पूछा और दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी पुख्ता साक्ष्य या वैध कारण प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच रिपोर्ट में नियम विरुद्ध तरीके से वोट काटने की पुष्टि होने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने नफीस मोहम्मद खां को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें मीरगंज ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल सहसा से संबद्ध किया गया है। 15 दिन में आरोप पत्र तैयार कर मांगी विस्तृत रिपोर्ट प्रकरण की गहनता से विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) फतेहगंज पश्चिमी भानु शंकर गंगवार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे आरोपी शिक्षक के खिलाफ विधिवत आरोप पत्र गठित कर बीएसए के अनुमोदनोपरांत 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करें। जानबूझकर की गई गलती तो होगी कठोरतम वैधानिक कार्रवाई: डीएम अविनाश सिंह मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट कहा: "यह पूरा प्रकरण प्रधानी के आगामी चुनाव से जुड़ा हुआ है। शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर के प्रधान और ग्रामीणों ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि बीएलओ द्वारा सांप्रदायिक द्वेष या अन्य कारणों से हिंदू समाज के 26 वोटरों के नाम काटे गए हैं। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम और बीडीओ से जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसडीएम की रिपोर्ट चुनाव कार्यालय और बीएसए को भेजी गई। बीएसए ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सहायक अध्यापक नफीस मोहम्मद खां को निलंबित कर दिया है। मामले में बीईओ फतेहगंज पश्चिमी को जांच अधिकारी बनाकर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है और अन्य आरोपों के लिए कमेटी भी जांच कर रही है। जांच में सभी पहलुओं को परखा जा रहा है कि यह कृत्य जानबूझकर (इंटेन्शनली) किया गया या कोई तकनीकी चूक थी। यदि यह साबित होता है कि इतनी बड़ी गलती साजिशन और दुर्भावनावश की गई है, तो आरोपी के खिलाफ बेहद कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।"
समाचार स्रोत

यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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