3 अक्टूबर 2026, 11:55 AM
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82% ऑक्सीजन लेवल में जांघ के फ्रैक्चर का ऑपरेशन:फेफड़ों और दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी महिला, SGPGI में हुई सर्जरी

लखनऊ में SGPGI के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉक्टरों ने फेफड़ों और दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही 42 वर्षीय महिला के दाहिने जांघ की हड्डी के फ्रैक्चर की सफल सर्जरी की। मरीज को ऑपरेशन के दौरान मौत का बड़ा जोखिम बताया गया था। गंभीर स्थिति के चलते कई अस्पतालों ने सर्जरी से इनकार कर दिया था। मरीज को सीवियर पल्मोनरी हाइपरटेंशन की बीमारी है।

82% ऑक्सीजन लेवल में जांघ के फ्रैक्चर का ऑपरेशन:फेफड़ों और दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी महिला, SGPGI में हुई सर्जरी
स्रोत: dainik bhasker category
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लखनऊ में SGPGI के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉक्टरों ने फेफड़ों और दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही 42 वर्षीय महिला के दाहिने जांघ की हड्डी के फ्रैक्चर की सफल सर्जरी की। मरीज को ऑपरेशन के दौरान मौत का बड़ा जोखिम बताया गया था। गंभीर स्थिति के चलते कई अस्पतालों ने सर्जरी से इनकार कर दिया था। मरीज को सीवियर पल्मोनरी हाइपरटेंशन की बीमारी है। करीब 20 दिन पहले एक हादसे में उसकी दाहिनी जांघ की हड्डी टूट गई थी। SGPGI में भर्ती के समय कमरे की सामान्य हवा में उसका ऑक्सीजन लेवल सिर्फ 82% था, जबकि सामान्य स्तर 98 से 100% होना चाहिए। कम मात्रा में दी गई थी एनेस्थीसिया की डोज डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी और पल्मोनोलॉजी की टीम बनाकर ऑपरेशन से पहले उसकी हालत को स्थिर किया। सामान्य और पारंपरिक स्पाइनल एनेस्थीसिया में जोखिम को देखते हुए अल्ट्रा साउंड गाइडेड तकनीक से एनेस्थीसिया दिया। इसमें माइक्रो कैथेटर के जरिए कम मात्रा में एनेस्थीसिया दवा दी गई। इसके बाद फ्रैक्चर की मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की गई। इसमें छोटे चीरे लगाए गए और खून भी बहुत कम निकला। ऑपरेशन के दौरान और बाद में मरीज की लगातार निगरानी की गई। उसे एक दिन पोस्ट-ऑपरेटिव ICU में रखा गया। सर्जरी के दूसरे दिन से मरीज को चलाया गया और नियमित फिजियोथेरेपी कराई गई। ATC में छह दिन रहने के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। इस टीम ने किया इलाज सर्जरी टीम में ऑर्थोपेडिक्स से डॉ. पुलक शर्मा, डॉ. फरहान उल हक, डॉ. अवनीश मिश्रा और डॉ. विकास जायसवाल शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. वंश प्रिया, डॉ. दीक्षा रानी और डॉ. मनी दुबे शामिल थीं। कार्डियोलॉजी से डॉ. आदित्य कपूर ने सहयोग किया।
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