11 अक्टूबर 2026, 7:42 PM
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AMU में चुनावी बिगुल बजा-सरगर्मी तेज:30 हजार करीब छात्र-छात्राएं चुनेंगे प्रतिनिधि, छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रसंघ पदों पर होगा मुकाबला

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में 19 दिन के आंदोलन के बाद छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होते ही कैंपस में छात्र राजनीति फिर गर्माने लगी है। करीब 30 हजार संभावित मतदाताओं वाले इस चुनाव में अध्यक्ष की कुर्सी से लेकर कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट काउंसिल के प्रतिनिधियों तक के लिए मुकाबला होगा। संभावित दावेदारों ने अपने स्तर से छात्रों

AMU में चुनावी बिगुल बजा-सरगर्मी तेज:30 हजार करीब छात्र-छात्राएं चुनेंगे प्रतिनिधि, छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रसंघ पदों पर होगा मुकाबला
स्रोत: dainik bhasker category
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में 19 दिन के आंदोलन के बाद छात्रसंघ चुनाव की घोषणा होते ही कैंपस में छात्र राजनीति फिर गर्माने लगी है। करीब 30 हजार संभावित मतदाताओं वाले इस चुनाव में अध्यक्ष की कुर्सी से लेकर कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट काउंसिल के प्रतिनिधियों तक के लिए मुकाबला होगा। संभावित दावेदारों ने अपने स्तर से छात्रों के बीच संपर्क बढ़ाना और चुनावी माहौल बनाना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, इंतजामिया की चुनाव टीम तैयारियों में जुट गई है। चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग निर्वाचन अधिकारियों की व्यवस्था की गई है। कैंपस के बाहर पुलिस भी गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि चुनाव के दौरान किसी विवाद या अप्रिय घटना की स्थिति न बने। 25 हजार छात्र और 5 हजार छात्राएं संभावित वोटर इस चुनाव में करीब 25 हजार छात्र और 5 हजार छात्राओं समेत लगभग 30 हजार मतदाता होने का अनुमान है। हालांकि, अंतिम संख्या आधिकारिक मतदाता सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इतने बड़े संभावित वोटर बेस के कारण छात्रसंघ चुनाव में अलग-अलग संकायों, छात्रावासों और छात्र समूहों के बीच संपर्क और समर्थन जुटाने की गतिविधियां अहम रहेंगी। चुनाव की घोषणा के बाद से ही संभावित उम्मीदवार अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटने लगे हैं। छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग पद छात्रसंघ चुनाव में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग प्रतिनिधित्व की व्यवस्था होगी। छात्रों के पैनल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के साथ 10 कैबिनेट सदस्यों के पद शामिल हैं। वहीं, छात्राओं के पैनल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के अलावा आठ कैबिनेट सदस्यों के पदों पर चुनाव होगा। इस तरह दोनों वर्गों के लिए शीर्ष पदों और कैबिनेट सदस्यता को लेकर अलग-अलग चुनावी मुकाबले होंगे। इसके अलावा एएमयू कोर्ट काउंसिल के लिए फैकल्टीवार 11 प्रतिनिधियों का चुनाव भी प्रस्तावित है। इन पदों के जरिए छात्र विश्वविद्यालय की प्रतिनिधिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे। पदों की संख्या और चुनावी ढांचे का अंतिम विवरण आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार मान्य होगा। लिंगदोह कमेटी के मानक होंगे अहम चुनाव में दावेदारी करने वाले छात्रों के लिए सिर्फ समर्थन जुटाना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवारों को लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और विश्वविद्यालय के लागू चुनाव नियमों के अनुसार पात्रता पूरी करनी होगी। इनमें नियमित छात्र के रूप में नामांकन, कक्षा में उपस्थिति, आयु सीमा और अनुशासन से जुड़े मानक महत्वपूर्ण हैं। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में सामान्य तौर पर कक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति का प्रावधान शामिल है। आयु सीमा पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित होती है। सामान्य मानकों के मुताबिक स्नातक स्तर पर 17 से 22 वर्ष, स्नातकोत्तर में अधिकतम 24 से 25 वर्ष और शोधार्थियों के लिए अधिकतम 28 वर्ष की सीमा बताई जाती है। संबंधित पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालय पर लागू नियमों के अनुसार इसकी पुष्टि जरूरी होगी। उम्मीदवारों की अनुशासनात्मक पृष्ठभूमि और आपराधिक मामलों से जुड़े प्रावधान भी पात्रता की जांच में महत्वपूर्ण होंगे। चुनाव लड़ने के अवसर और अन्य शर्तों का निर्धारण लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा। ऐसे में संभावित दावेदारों को प्रचार के साथ अपनी पात्रता पर भी ध्यान देना होगा। दो निर्वाचन अधिकारी संभालेंगे चुनावी प्रक्रिया एएमयू इंतजामिया ने चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए दो निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें एक अधिकारी छात्राओं से संबंधित चुनावी प्रक्रिया और दूसरा छात्रों के चुनाव का जिम्मा संभालेगा। वीमेंस के लिए चुनाव अधिकारी प्रो.नाजिया हसन को बनाया गया है, वहीं छात्रों का चुनाव अधिकारी प्रो.जावेद तालिब को बनाया गया है। चुनाव टीम मतदाता सूची, नामांकन और मतदान समेत विभिन्न चरणों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा कराने की तैयारी में है। चुनाव से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया और पात्रता के अंतिम मानक आधिकारिक अधिसूचनाओं के अनुसार लागू होंगे। आंदोलन के बाद अब चुनावी मुकाबले पर नजर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चले आंदोलन के बाद चुनाव की घोषणा ने कैंपस में नई राजनीतिक गतिविधियों को गति दी है। अब तक मांगों को लेकर एकजुट दिख रहे छात्र अलग-अलग पदों के लिए उम्मीदवारों और पैनलों के समर्थन में सक्रिय हो सकते हैं। संभावित दावेदारों की गतिविधियां बढ़ने के साथ कैंपस में चुनावी चर्चाएं भी तेज होने लगी हैं। इंतजामिया चुनाव को तय प्रक्रिया के तहत संपन्न कराने की तैयारी कर रहा है, जबकि पुलिस कैंपस के बाहर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। अब छात्रों की निगाहें आधिकारिक मतदाता सूची, नामांकन प्रक्रिया और चुनाव के अगले चरणों पर हैं। करीब 30 हजार संभावित मतदाताओं वाला यह चुनाव विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में नई शुरुआत का आधार बनेगा।
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यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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