3 अक्टूबर 2026, 6:17 PM
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BHU में ABVP कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध:चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ शुरू किया अनिश्चितकाल धरना,बोले-छात्रो के साथ हो रहा अन्याय

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वर्तमान चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने

BHU में ABVP कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध:चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ शुरू किया अनिश्चितकाल धरना,बोले-छात्रो के साथ हो रहा अन्याय
स्रोत: dainik bhasker category
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वर्तमान चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग दोहराई। एबीवीपी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन के दूसरे दिन छात्रों ने काली पट्टी बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनकी शिकायतों और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। चीफ प्रॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप एबीवीपी इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने आरोप लगाया कि बीएचयू में वर्तमान चीफ प्रॉक्टर का रवैया तानाशाहीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और उनकी मूलभूत समस्याओं को सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार परिसर में बाहरी लोगों का अनधिकृत प्रवेश बढ़ रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पल्लव सुमन ने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उनके उत्पीड़न की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक चीफ प्रॉक्टर को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक एबीवीपी का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। 12 सितंबर के प्रेक्षागृह आवंटन मामले की जांच की मांग एबीवीपी इकाई मंत्री अनुराग ने 12 सितंबर को हुए प्रेक्षागृह आवंटन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेक्षागृह आवंटन की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। संगठन का कहना है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अनुराग ने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी कथित विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए जायज मांग उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई दंडात्मक कार्रवाई और मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। छात्रों पर दर्ज कार्रवाई वापस लेने की मांग एबीवीपी ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना छात्रों का अधिकार है और इसके लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी दंडात्मक कार्रवाइयों और मुकदमों की समीक्षा की जाए तथा उन्हें तत्काल वापस लिया जाए। ABVP की प्रमुख माँगें: 1. चीफ प्रॉक्टर व प्रोक्टोरियल बोर्ड की बर्खास्तगी: चीफ प्रॉक्टर एवं प्रोक्टोरियल बोर्ड को तत्काल बर्खास्त किया जाए। 2. मुकदमे एवं दंडात्मक कार्रवाई वापसी: परिसर में अपनी मांगो के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए। 3. उत्पीड़न पर रोक:हर छिटपुट घटना पर छात्रों के उत्पीड़न व अभद्रता पर तत्काल रोक लगे। 4. निष्पक्ष जांच: 12 सितंबर को नियम विरूद्ध राजनीतिक कार्यक्रम हेतु प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो एवं कार्यवाई की जाए। 5. अनधिकृत प्रवेश पर रोक: विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगे। 6. सुरक्षा एवं लाइट व्यवस्था: संवेदनशील स्थानों पर CCTV व डार्क स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट लगे। 7.निगरानी एवं नशाखोरी पर रोक: मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़े; नशाखोरी पर रोक लगे। 7. खाद्य दुकानों पर नियम: खाद्य दुकानों पर CCTV व अनिवार्य रेट लिस्ट हो। 9.सुरक्षाकर्मियों के अधिकार: सुरक्षाकर्मियों के वेतन-सेवा शर्तों में समानता व उत्पीड़न पर रोक सुनिश्चित हो।
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