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CM योगी बोले, '2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज को लेकर अपनी सरकार के कामकाज और गांवों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर

CM योगी बोले, '2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले'
स्रोत: abp news world
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज को लेकर अपनी सरकार के कामकाज और गांवों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय सिर्फ वादे मिले और गांवों के नाम पर राजनीति होती रही. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहली इकाई मानकर काम कर रही है.

‘2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले. गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही. आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे.' उन्होंने आगे कहा, 'जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका, गांवों को केवल वोट बैंक समझा, उनकी राजनीति की वजह से गांव पीछे रह गए.'

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार की सोच गांवों को लेकर अलग है. उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है.' मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने गांवों से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया है. उन्होंने कहा, 'पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है.'

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57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधा

मुख्यमंत्री ने गांवों में डिजिटल सुविधाओं और पंचायत व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, '57,600 ग्राम सचिवालयों में आज ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्राम वासियों को समस्त सुविधाएं गांव में मिल रही हैं. पंचायतों के कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह हैं.'

उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालयों के संचालन से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं.'

11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी

सीएम योगी ने गांवों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है. ग्राम स्वराज की अवधारणा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है.' उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है. हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है.'

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