DDU में "गालीबाज प्रोफेसर को बर्खास्त करों के नारे लगे":असिस्टेंट प्रॉक्टर पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप, निलंबन और FIR की मांग की
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश उपाध्याय की ओर से कथित जातिवादी टिप्पणी की लेकर दलित महापंचायत की ओर से जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शनिवार को अम्बेडकरवादी छात्र महासभा और अम्बेडकर स्टूडेंट्स यूनियन फॉर राइट्स संगठन के तमाम छात्र इकट्ठा हुए और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि आरोपी प

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश उपाध्याय की ओर से कथित जातिवादी टिप्पणी की लेकर दलित महापंचायत की ओर से जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शनिवार को अम्बेडकरवादी छात्र महासभा और अम्बेडकर स्टूडेंट्स यूनियन फॉर राइट्स संगठन के तमाम छात्र इकट्ठा हुए और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि आरोपी प्रोफेसर तो निलंबित किया जाए और उनपर FIR करके कार्रवाई की जाए। साथ ही कैंपस के अंदर 10 साल से पड़ी बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति को स्थापित किया जाए। छात्रों के विरोध को देखते हुए यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रोफेसर गोपाल प्रसाद मौके से पहुंचें। छात्र नेताओं ने उनसे मांग की कि STSC सेल की कार्यकर्ताओं को बुलाया जाए उनके सामने अपनी बात रखेंगे। जानिए पूरा मामला…
अम्बेडकरवादी छात्र सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और छात्र नेता अमर कुमार पासवान ने बताया कि 22 सितंबर को DDU के लॉ डिपार्टमेंट का CCTV फुटेज वायरल होता है। जिसमें यह सीधे तौर दिखाई दे और सुनाई दे रहा है कि एक प्रोफेसर विभाग के कर्मचारी के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके गाली देते हुए अपमानित करते हैं। साथ ही बोटी- बोटी काटने की धमकी भी देते हैं। ऐसी भाषा का प्रयोग एक शिक्षक की ओर से किया जा रहा है। जिसकी वजह से OBC, ST SC समाज के लोग और महिलाओं में डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफ़ेसर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "जय भीम", "जातिवाद नहीं चलेगा", "जातिवाद और गालीबाज प्रोफेसर को बर्खास्त करों" जैसे नारेबाजी की। यह प्रदर्शन लगभग 3 घंटे तक चलता रहा। दलित महापंचायत में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए
इसी दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर दलित महापंचायत का भी आयोजन किया गया। जिसमें OBC और SC/ST के तमाम वर्तमान और पूर्व छात्र नेता शामिल हुए। सभी ने मिलकर विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए। इसके अलावा सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग
महापंचायत में विश्वविद्यालय परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों का कहना है कि इन मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन और आमजन के सामने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखा जा रहा है। 29 सितंबर को भी हुआ था विरोध
बता दें कि असिस्टेंट प्रॉक्टर के कथित अपशब्दों के इस्तेमाल के खिलाफ 29 सितंबर को भी छात्र संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उस समय कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने उनसे मुलाकात कर मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
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