HP गैस प्लांट के 250-300 ट्रक चालक हड़ताल पर:उन्नाव में सिलेंडर सप्लाई प्रभावित होने का दावा, सप्लाई पर असर
उन्नाव के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट में ट्रक चालकों ने बुधवार को हड़ताल शुरू कर दी। चालकों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा और उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस हड़ताल से गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर असर पड़ा है। हालांकि, प्लांट के अधिकारियों ने हड़ताल से इनकार किया है। उनक

उन्नाव के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट में ट्रक चालकों ने बुधवार को हड़ताल शुरू कर दी। चालकों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा और उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस हड़ताल से गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर असर पड़ा है। हालांकि, प्लांट के अधिकारियों ने हड़ताल से इनकार किया है। उनका कहना है कि कुछ चालक अफवाह फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं। दही चौकी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट से लखनऊ, हरदोई, फतेहपुर, कानपुर और कानपुर देहात समेत 30 से ज्यादा जिलों की गैस एजेंसियों को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई होती है। सप्लाई व्यवस्था पर असर प्लांट से रोजाना करीब 40 हजार सिलेंडर ट्रकों से भेजे जाते हैं। ऐसे में चालकों के विरोध से सप्लाई व्यवस्था पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। चालकों का आरोप है कि मंगलवार दोपहर लखनऊ की एक गैस एजेंसी के लिए एक के बाद एक नौ ट्रक भेजे गए। वहां पहुंचने पर पता चला कि एजेंसी में पहले से करीब एक हजार सिलेंडर मौजूद थे और खाली सिलेंडर भी नहीं थे। चालकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उन्हें बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ता है। धरने में शामिल चालक सुहरलाल ने बताया कि उनका विरोध मंगलवार दोपहर से चल रहा है। चालकों का आरोप है कि प्लांट परिसर में गाड़ियां अंदर लेने के बाद उन्हें लंबे समय तक बाहर निकलने की इजाजत नहीं मिलती। पांच बजे तक अंदर ही रहने को मजबूर सुबह करीब छह बजे चालक गाड़ी लेकर परिसर में आते हैं और शाम करीब पांच बजे तक अंदर ही रहने को मजबूर होते हैं। चालकों का आरोप है कि इस दौरान गेट बंद कर दिया जाता है और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं होती।सुहरलाल ने बताया कि चालक चाहते हैं कि पहले की तरह लोडिंग के बाद गाड़ी बाहर निकाली जाए। इससे चालक चाय-पानी और खाने जैसी अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे। उनका कहना है कि करीब आठ घंटे तक परिसर में बंद रखना ठीक नहीं है। चालकों ने प्लांट में पार्किंग की व्यवस्था न होने की समस्या भी उठाई। प्रशासन की ओर से चालान किया उनका कहना है कि सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने पर आरटीओ या प्रशासन की ओर से चालान किया जाता है, जबकि प्लांट के अंदर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। चालकों ने अधिकारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कई बार अधिकारियों की ओर से उनके साथ बदतमीजी से बात की जाती है। चालकों के मुताबिक मौके पर करीब 250 से 300 चालक मौजूद हैं और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वहीं, प्लांट के अधिकारियों ने चालकों के हड़ताल पर होने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ चालक अफवाह फैला रहे हैं। उनका कहना है कि प्लांट की व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित की जा रही है। दोनों पक्षों के दावों के बीच गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर वास्तविक असर कितना पड़ा है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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