3 अक्टूबर 2026, 6:34 PM
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अमेठी गल्ला मंडी विवाद में व्यापारियों ने आरोपों को नकारा:CM से उच्चस्तरीय जांच की मांग, कहा-यह न्याय और अधिकारों की लड़ाई

सुल्तानपुर में अमेठी गल्ला मंडी बाड़ा प्रकरण को लेकर व्यापारियों और नगर पालिका प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल की प्रेस वार्ता के जवाब में गल्ला मंडी के व्यापारियों और प्रभावित किरायेदारों ने शनिवार 2:30 बजे अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना

अमेठी गल्ला मंडी विवाद में व्यापारियों ने आरोपों को नकारा:CM से उच्चस्तरीय जांच की मांग, कहा-यह न्याय और अधिकारों की लड़ाई
स्रोत: dainik bhasker category
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सुल्तानपुर में अमेठी गल्ला मंडी बाड़ा प्रकरण को लेकर व्यापारियों और नगर पालिका प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल की प्रेस वार्ता के जवाब में गल्ला मंडी के व्यापारियों और प्रभावित किरायेदारों ने शनिवार 2:30 बजे अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। व्यापारियों ने साफ किया कि इसे 'राजनीतिक द्वेष से प्रेरित' बताना गलत है। उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल के बजाय अपने अधिकारों, रोजी-रोटी और नजूल भूमि की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उन्होंने 1983 से 2026 तक के अदालती घटनाक्रम का जिक्र किया। बताया कि जुलाई 2025 में वर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में नगर पालिका की पैरवी न होने से मामला खारिज हो गया। इसके बाद मार्च 2026 में बेशकीमती नजूल भूमि का पट्टा रामनिवास अग्रवाल व अन्य के नाम पंजीकृत हो गया। व्यापारियों ने कहा जांच में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या नियुक्त अधिवक्ता की लापरवाही व अनियमितता सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधितों को पद से हटाया/निलंबित किया जाए। यदि नजूल भूमि का पंजीकृत पट्टा नियमविरुद्ध पाया जाता है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए तथा अदम पैरवी के कारण खारिज हुए मुकदमे को पुनः न्यायालय में बहाल कराया जाए। गल्ला मंडी में वर्षों से दुकानदारी कर रहे व्यापारियों और किरायेदारों के हितों व भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष, परिवार या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह न्याय, सार्वजनिक/नजूल संपत्ति की रक्षा और प्रक्रियात्मक निष्पक्षता के लिए है। जब तक इस पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, व्यापारी लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। आज रति अग्रहरि, गौरांश अग्रहरि, संदीप शुक्ला, मनीष कुमार, अभिषेक अग्रहरि, अजय जायसवाल, अमित गुप्ता, संदीप कसौधन, सूरज जायसवाल, मुन्ना लाल जायसवाल, सुमित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, रोहिन अग्रवाल, अनीश कुमार सहित दर्जनों व्यापारियों व दुकानदार शामिल रहे।
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