अलीगढ़ के गुलवीर ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर:सिरसा में दादी खुशी से झूमीं, मां-पत्नी की आंखों में छलके आंसू
अलीगढ़ के छर्रा के सिरसा गांव की मिट्टी से निकले धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। 10 हजार मीटर की दौड़ में गुलवीर ने 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही सिरसा से छर्रा तक जश्न शुरू हो गया। घर में मिठाइयां बंटी और परिवार की आंखों में खुशी छलक उ

अलीगढ़ के छर्रा के सिरसा गांव की मिट्टी से निकले धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। 10 हजार मीटर की दौड़ में गुलवीर ने 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही सिरसा से छर्रा तक जश्न शुरू हो गया। घर में मिठाइयां बंटी और परिवार की आंखों में खुशी छलक उठी। गुलवीर से आगे बहरीन के बिरहानु बालेयू रहे। उन्होंने 28 मिनट 27.51 सेकेंड में दौड़ पूरी कर गोल्ड जीता। बहरीन के ही अलबर्ट किप्टो 28 मिनट 34.18 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में ब्रॉन्ज, अब सिल्वर तक पहुंचे गुलवीर ने कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में भी दो पदक अपने नाम किए। अब 2026 एशियन गेम्स में सिल्वर जीतकर उन्होंने अपने पदकों की फेहरिस्त में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी। पिछली बार वह कांस्य पदक तक पहुंचे थे, जबकि इस बार एक कदम आगे बढ़कर सिल्वर जीता। दौड़ से पहले उडिया बाबा के दर्शन, मां-पिता से लिया आशीर्वाद गुलवीर के दोस्त आकाश चौधरी के मुताबिक, मुकाबले से पहले सुबह वीडियो कॉल पर उससे बात हुई थी। गुलवीर ने पहले उडिया बाबा के दर्शन किए और सफलता के लिए प्रार्थना की। इसके बाद मां लक्ष्मी देवी और पिता पप्पू सिंह से बात कर उनका आशीर्वाद लिया। कुछ देर बाद गुलवीर ट्रैक पर उतरे और 10 हजार मीटर में देश के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया। मेडल की खबर मिलते ही दादी खुशी से झूम उठीं गुलवीर की जीत की खबर घर पहुंची तो दादी गैंदो देवी खुशी से झूम उठीं। मां, पत्नी और भाई भी खुशी से भर गए। परिवार ने मिठाइयां बांटीं। गुलवीर के भाई ने कहा कि सिल्वर मेडल जीतने पर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। अब उम्मीद है कि गुलवीर अगली स्पर्धाओं में गोल्ड के लिए पूरी ताकत लगाएगा। दादी गैंदो देवी ने कहा कि गुलवीर ने परिवार ही नहीं, पूरे गांव और देश का नाम ऊंचा किया है। अब उन्हें गुलवीर के घर लौटने का इंतजार है। अभी दो और स्पर्धाएं बाकी एशियन गेम्स में गुलवीर की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। वह 1500 मीटर की हीट में भी उतरेंगे। इसके बाद 28 सितंबर को 5000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगे। ऐसे में उनके पास पदकों की संख्या बढ़ाने के अभी दो और मौके हैं। अक्टूबर में घर लौटने की उम्मीद लंबे समय से ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं के कारण घर से दूर गुलवीर के एशियन गेम्स के बाद अक्टूबर में सिरसा लौटने की उम्मीद है। परिवार अब उनके लौटने का इंतजार कर रहा है। इस बार गुलवीर की वापसी खास होगी, क्योंकि वह अपने साथ एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल लेकर गांव पहुंचेंगे।
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