1 नवंबर 2026, 8:54 PM
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आजम खान शाम तक जेल से बाहर आएंगे:बेटा अब्दुल्ला भी छूटेगा, समर्थक बोले- हमारे लिए आज ईद का दिन

सपा नेता आजम खान और बेटा अब्दुल्ला का रामपुर जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। दोनों आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं। आजम के करीबी यूसुफ मलिक ने दैनिक भास्कर को बताया कि दोनों की रिहाई के आदेश जेल पहुंच गए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे पहले, बताया जा रहा था कि आजम की रिहाई की रास्ते में 2 रोड़े थे। पहला- ईडी की

आजम खान शाम तक जेल से बाहर आएंगे:बेटा अब्दुल्ला भी छूटेगा, समर्थक बोले- हमारे लिए आज ईद का दिन
स्रोत: dainik bhasker category
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सपा नेता आजम खान और बेटा अब्दुल्ला का रामपुर जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। दोनों आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं। आजम के करीबी यूसुफ मलिक ने दैनिक भास्कर को बताया कि दोनों की रिहाई के आदेश जेल पहुंच गए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे पहले, बताया जा रहा था कि आजम की रिहाई की रास्ते में 2 रोड़े थे। पहला- ईडी की तरफ से रामपुर में दर्ज किया गया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला। दूसरा- 10 सितंबर को यूपी विजिलेंस की तरफ से लखनऊ में दर्ज कराया केस। अगर इन मामलों में पुलिस वारंट-'बी' ले लेती हैं, तो आजम जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। कोई आरोपी, जो जेल में बंद हो और किसी दूसरे मामले में भी वांछित हो, तो उसे उस मामले में कोर्ट के सामने पेश करने के लिए वारंट- बी तामील कराया जाता है। अब सूत्राें के हवाले से बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से अब तक वारंट 'बी' तामील नहीं कराया गया है। ऐसे में आजम का जेल से बाहर आना तय माना जा रहा है। खबर लगते ही आजम के घर पर समर्थकों का भीड़ जुटने लगी है। उनका कहना है कि उनके लिए आज का दिन ईद से कम नहीं है। 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 पैन कार्ड मामले में आजम और अब्दुल्ला की 10 साल की सजा सस्पेंड कर दिया था। दोनों को जमानत दे दी थी। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। आजम के खिलाफ पेंडिंग इन 2 मामलों से फंस सकता है पेंच- मजिस्ट्रेट कोर्ट से 52 मामलों के रिहाई आदेश जेल पहुंचने बाकी थे आजम पर कुल 105 मामले दर्ज हैं। रामपुर में दर्ज मामलों की संख्या 94 है। इसमें राजस्व से जुड़े हुए 11 मामले हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट में 52 और सेशन कोर्ट में 19 मामले पेंडिंग हैं। 19 मामलों में फैसला आ चुका है। सेशन कोर्ट से आजम से जुड़े 19 मामलों में से 5 के रिहाई आदेश रामपुर जेल पहुंच चुके हैं। बाकी 14 मामलों में सजा पूरी हो चुकी है। वहीं, मजिस्ट्रेट कोर्ट के जो 52 मामले हैं, उनका आदेश जेल पहुंचना बाकी था। ये आदेश शनिवार दोपहर जेल पहुंच गए। आजम के करीबी बोले- बहुत जल्द वो जेल से बाहर आएंगे आजम के बेहद करीबी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंसूर चौधरी सुबह 9 बजे सपा नेता के घर पहुंचे। कहा कि आज हमारे लिए ईद का दिन है। बहुत जल्द वो जेल से बाहर आएंगे। पूरे हिंदुस्तान के जो ईमानदार लोग हैं, जो आजम से मोहब्बत करते हैं। यहां धीरे-धीरे लोग आना शुरू होंगे। थोड़ी देर में यहां पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी। आजम के करीबी जाकिर अली ने बताया- हम आजम साहब से मिलने आए हैं। मैं आजमवादी आदमी हूं। बाकी सब समाजवादी हैं। आजम की मोहब्बत के लिए हम सुबह ही हाजिर हो गए। हम आजम से, आजम परिवार और अब्दुल्ला आजम से प्यार करते हैं। 23 मई को आजम को 10 साल की सजा दी गई थी आजम को बेटे अब्दुल्ला के 2 पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी ठहराया था। 17 नवंबर, 2025 को कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। 5 मई, 2026 को सरकार के वकील ने सजा बढ़ाने के लिए रामपुर की अपर कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने 23 मई, 2026 को आजम की सजा को 3 साल बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। अब्दुल्ला की सजा को कोर्ट ने नहीं बढ़ाया था। क्या है 2 पैन कार्ड का मामला? इस मामले की शुरुआत साल 2019 में रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज एफआईआर से हुई थी। भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। साल- 2017 में बसपा प्रत्याशी नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने भी इस बारे में शिकायत की थी। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथि वाले 2 पैन कार्ड थे। एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 और दूसरे में 30 सितंबर, 1990 दर्ज थी। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनाव और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किया गया। क्या होता है वारंट बी? कोई आरोपी, जो जेल में बंद हो और किसी दूसरे मामले में भी वांछित हो, तो उसे उस मामले में कोर्ट के सामने पेश करने के लिए वारंट- बी तामील कराया जाता है। दरअसल, आजम खान पहले से ही 2 पैनकार्ड मामले में जेल में बंद हैं। इस बीच रामपुर और लखनऊ में भी उनके खिलाफ केस दर्ज हो गए। विजिलेंस और पुलिस आजम को अपने केस में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना चाहती है। इसके लिए रामपुर जेल प्रशासन को वारंट-B तामील कराकर ही आजम को नए मामले में भी हिरासत में ले सकती है। बेटे के साथ 11 महीने से जेल में बंद हैं आजम आजम खान और अब्दुल्ला आजम 17 नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। बाद में सरकार ने सजा बढ़ाने की मांग की। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी थी। क्या आजम चुनाव लड़ पाएंगे? पढ़िए अभी की स्थिति: आजम खान पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इसमें से 8 मामलों में वे दोषी साबित हो चुके हैं, जबकि 8 में बरी हुए हैं। 2 पैन कार्ड और फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट समेत अलग-अलग मामलों में 2 से 10 साल की सजा हो चुकी है। अड़चन: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के मुताबिक, अगर किसी को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो वह सजा काटने के दौरान और सजा पूरी होने के 6 साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकता। राहत कैसे मिलेगी: रोहित पांडेय बताते हैं- 2027 का चुनाव लड़ने के लिए आजम को उनके खिलाफ आए सभी 8 फैसलों की दोषसिद्धि और सजा पर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से रोक लगवानी होगी। आजम खान के वकील लगातार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रहे हैं। अगर चुनाव का पर्चा भरने की तारीख से पहले अदालत को लगता है कि आजम के खिलाफ मामलों में सबूत पुख्ता नहीं हैं। कोर्ट उनके खिलाफ आए सभी फैसलों में ‘सजा और दोषसिद्धि’ पर रोक लगा दे, तो वे चुनाव लड़ सकते हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव लड़ने के लिए ‘हत्यारे’ को छोड़ा:क्या आजम को भी राहत मिलेगी; बाहुबली अमरमणि, विजय मिश्रा का क्या होगा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी नंदलाल राय की ‘सजा और दोषसिद्धि’ पर रोक लगा दी, जिससे वह चुनाव लड़ सके। निचली अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा दी थी। उस फैसले के खिलाफ नंदलाल ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। पूरी खबर पढ़िए
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