उघैती कांड का वीडियो वायरल होता रहा:आरोपी घर पर रहे, पुलिस को 7 दिन बाद मिली खबर, बीट पुलिसिंग पर सवाल
बदायूं के उघैती कांड में वारदात का वीडियो गांव में वायरल होता रहा, उसकी खरीद-फरोख्त तक हुई और आरोपी अपने घरों पर रहे, लेकिन पुलिस तक इसकी सूचना नहीं पहुंची। सात दिन बाद वीडियो पुलिस के हाथ लगा, तब कार्रवाई शुरू हुई। इस पूरे घटनाक्रम ने उघैती थाने की बीट पुलिसिंग से लेकर थानेदार के स्टाफ प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद

बदायूं के उघैती कांड में वारदात का वीडियो गांव में वायरल होता रहा, उसकी खरीद-फरोख्त तक हुई और आरोपी अपने घरों पर रहे, लेकिन पुलिस तक इसकी सूचना नहीं पहुंची। सात दिन बाद वीडियो पुलिस के हाथ लगा, तब कार्रवाई शुरू हुई। इस पूरे घटनाक्रम ने उघैती थाने की बीट पुलिसिंग से लेकर थानेदार के स्टाफ प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद वीडियो गांव में लोगों तक पहुंच चुका था। उसकी कीमत लगाकर खरीद-फरोख्त भी हुई। यानी वारदात की चर्चा और उसका सबूत दोनों गांव में मौजूद थे, लेकिन बीट पुलिसकर्मी इस सूचना तक नहीं पहुंच सके। स्थानीय पुलिस का सूचना तंत्र इतना कमजोर रहा कि पुलिस को अपने नेटवर्क से पहले वीडियो के जरिए वारदात का पता चला। इससे थाना प्रभारी उदयवीर की निगरानी भी सवालों में है। सात दिन तक संबंधित बीट में तैनात पुलिसकर्मियों की सक्रियता पर नजर रही या नहीं, बीट बुक की समीक्षा हुई या नहीं और गांव से मिलने वाली सूचनाओं की पड़ताल किस स्तर पर हुई इन सवालों के जवाब अफसरों पर भी नहीं हैं। खास बात यह है कि आरोपी घटना के बाद भी अपने घरों पर रहे। पुलिस को उन्हें तलाशने के लिए किसी दूर के ठिकाने तक नहीं जाना था। इसके बावजूद सात दिन तक उनकी मौजूदगी और वारदात का वीडियो पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। कुल मिलाकर यह सिर्फ एक सूचना छूट जाने का मामला नहीं दिखता। गांव में वीडियो वायरल रहा, उसकी खरीद-फरोख्त हुई, आरोपी घरों पर रहे और पुलिस को खबर नहीं मिली। ऐसे में सात दिन की इस चूक ने बीट पुलिसिंग की जमीनी हकीकत पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। अब पूरे मामले पर एक नजर 17 सितंबर की शाम सराय बरौलिया के जंगल में प्रेमी युगल को पकड़कर आरोपियों ने युवक से मारपीट की। युवती का वीडियो बनाया और वायरल करने की धमकी देकर 1,500 रुपये भी लिए। मामले में सुगेंद्र कुमार, बेचैन जाटव और छोटे जाटव गिरफ्तार हो चुके हैं। मामला पुलिस को 24 सितंबर को पता लगा था। एक नामजद फरार है और अज्ञात आरोपियों के नाम उजागर पुलिस नहीं कर पाई है।
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