ओवरब्रिज की सड़क धंसने पर अधिकारियों पर विधायक नाराज:खीरी में बोले- जब तक यह सही नहीं होगा, सब यहीं रुकेंगे, नहीं रुके तो जूतों से सेवा की जाएगी
लखीमपुर खीरी में हाईवे-730 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर 84 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज की सड़क धंसने के बाद गोला विधायक अमन गिरि सोमवार शाम को 5 बजे मौके पर पहुंचे। यहां एनएच के अधिकारियों को देखकर विधायक का पारा हाई हो गया। अधिकारियों से कहा- जब से काम शुरू हुआ, तब से आज शक्ल दिखाई दी है। 10 बार हम सब लोग तुमसे कह रहे हैं कि साइट प

लखीमपुर खीरी में हाईवे-730 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर 84 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज की सड़क धंसने के बाद गोला विधायक अमन गिरि सोमवार शाम को 5 बजे मौके पर पहुंचे। यहां एनएच के अधिकारियों को देखकर विधायक का पारा हाई हो गया। अधिकारियों से कहा- जब से काम शुरू हुआ, तब से आज शक्ल दिखाई दी है। 10 बार हम सब लोग तुमसे कह रहे हैं कि साइट पर आओ, साइट पर दिखाओ क्या काम है, क्या नहीं है। अब जब तक यह सही नहीं होगा, यह यहीं रुकेंगे। अगर नहीं रुकेंगे तो इनकी जूतों से सेवा करी जाएगी, सीधी बात है। विधायक बोले- 10 बार बुलाया, फिर भी साइट पर नहीं आए विधायक ने अधिकारियों से कहा- निर्माण में गड़बड़ी होने पर बदनामी सरकार की होती है। आखिर यहां की जिम्मेदारी किसकी बनती है। इतनी जांच कराने के बाद भी अगर व्यवस्था सही नहीं होती तो अधिकारियों को जवाब देना होगा। विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों को तब तक रुकने की बात कही, जब तक सड़क की समस्या ठीक नहीं हो जाती। बोले- जब तक सही नहीं होगा, यहीं रहेंगे निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक काम ठीक नहीं होगा, वे घर नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि या तो अधिकारी गड्ढे में बैठेंगे या फिर वह खुद गड्ढे में बैठ जाएंगे, लेकिन जब तक सड़क ठीक नहीं होगी, काम पूरा होने तक अधिकारी मौके पर ही रहेंगे। सीएम और सड़क परिवहन मंत्री से करेंगे शिकायत विधायक अमन गिरि ने कहा कि कुछ ऐसे गैर-जिम्मेदार ठेकेदार हैं, जिन्हें जनता के हित और न ही सुरक्षा की को परवाह नहीं। ये केवल प्रदेश सरकार की छवि को खराब कर रहे हैं। कहा- 'विजय कंस्ट्रक्शन' का बल्जिंग का मामला पहले भी सामने आया था, जिसकी जांच MNNIT इलाहाबाद से कराई गई थी। इसके बावजूद, नए पुल को अभी पूरी तरह चालू भी नहीं किया गया था और उसकी सड़क दोबारा बैठ गई। विधायक ने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वे इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखित शिकायत भेज रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह पुल गोला क्षेत्र के लिए जीवनदान जैसा है, इसलिए ठेकेदार जल्द से जल्द इस गड्ढे और पुल को ठीक करें नहीं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तीन दिन की बारिश के बाद धंसी सड़क हाईवे-730 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण साल 2021 में शुरू हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद जुलाई 2026 में इसे आवागनम के लिए खोल दिया गया। सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में लगातार तीन दिन बारिश हुई। शनिवार रात ओवरब्रिज की सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया और वहां गहरा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने से गाड़ियों के लिए हादसे का खतरा पैदा हो गया। रात में राहगीरों ने डंडे पर लाल टी-शर्ट बांधकर लोगों को खतरे से सावधान किया। इससे चालकों को दूर से ही सड़क पर बने गड्ढे का अंदाजा हो गया। पुलिस पहुंची, जेसीबी से भरवाया गड्ढा रविवार को सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैफिक को संभाला। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढे को कंक्रीट और गिट्टी से भरवाकर सड़क चालू कराई। घटना की जानकारी एनएच के अधिकारियों को भी दी गई। पहले भी निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान भी इसके कुछ हिस्सों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, साइड की दीवारों में झुकाव के बाद दरारें दिखाई दी थीं। करीब पांच महीने पहले भी दीवारों में खामियों की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद सुधार का काम कराया गया था। अब सड़क धंसने के बाद एक बार फिर करीब 84 करोड़ रुपए की लागत से बने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। जांच के बाद सामने आएगी सड़क धंसने की वजह गोला एसडीएम युगांतर त्रिपाठी के मुताबिक, एनएच के जेई को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक कार्रवाई के लिए डीएम अंजनी कुमार सिंह को भी पत्र भेजा गया है। NHI की ओर से मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क धंसने की वजह लगातार बारिश से नीचे का भराव या मिट्टी प्रभावित होना, जल निकासी की समस्या या निर्माण से जुड़ी कोई तकनीकी खामी है। फिलहाल गड्ढा भरकर ट्रैफिक शुरू करा दिया गया है। विधायक की नाराजगी के बाद अब ओवरब्रिज की गुणवत्ता और सड़क धंसने की वजह की जांच पर नजर रहेगी। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- बृजभूषण पर यौन शोषण का केस फिर चल सकता है:MP/MLA कोर्ट ने नोटिस भेजा, महिला पहलवानों ने दोबारा शिकायत की थी भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दोबारा केस चल सकता है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यौन शोषण मामले में बृजभूषण को 3 अगस्त को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ महिला पहलवानों ने 25 सितंबर को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट (MP/MLA) में याचिका डाली थी। पूरी खबर पढ़ें…
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗