कानपुर में लेदर पिस्टल कवर से लेकर ज्वेलरी बॉक्स:आज से 4 दिवसीय मेला, ऑस्ट्रेलिया-पोलैंड की हैट बनी आकर्षण
कानपुर के मोतीझील मैदान में शुक्रवार से चार दिवसीय लेदर मेले की शुरु हो गया। मेले में 40 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां चमड़े से बने अलग-अलग तरह के उत्पादों की वैरायटी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इन स्टॉलों पर ऐसे प्रोडक्ट भी बिक्री के लिए रखे गए हैं, जिनके बारे में आमतौर पर लोगों को पता नहीं होता कि वे भी लेदर से बनाए जाते हैं

कानपुर के मोतीझील मैदान में शुक्रवार से चार दिवसीय लेदर मेले की शुरु हो गया। मेले में 40 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां चमड़े से बने अलग-अलग तरह के उत्पादों की वैरायटी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इन स्टॉलों पर ऐसे प्रोडक्ट भी बिक्री के लिए रखे गए हैं, जिनके बारे में आमतौर पर लोगों को पता नहीं होता कि वे भी लेदर से बनाए जाते हैं। मेला 2 नवंबर तक चलेगा। मेले का मुख्य उद्देश्य कानपुर और उत्तर प्रदेश के लोगों को लेदर इंडस्ट्री के नए उत्पादों से परिचित कराना है। कानपुर में बनने वाले चमड़े के ज्यादातर उत्पाद अमेरिका, न्यूजीलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं, लेकिन स्थानीय बाजार में इनकी जानकारी और मांग कम है। इसी वजह से एक्सपोर्ट क्वालिटी के उत्पादों को सीधे लोगों के सामने प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा गया है। एयरपॉड कवर से मोबाइल कवर तक, ₹200 से शुरू कीमत
मेले में स्टॉल लगाने वाले अमन सिंह ने बताया कि आमतौर पर लोगों को लगता है कि लेदर से सिर्फ जूते, जैकेट और पर्स ही बनाए जाते हैं। जबकि हकीकत में चमड़े से कई ऐसे उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी विदेशों में काफी मांग है। उन्होंने बताया कि स्टॉल पर लेदर एयरपॉड कवर भी उपलब्ध हैं। प्लास्टिक के एयरपॉड कवर जहां ऑनलाइन 500 से 1000 रुपए तक मिलते हैं, वहीं लेदर से बना कवर यहां 200 रुपए में दिया जा रहा है। इसी तरह लेदर के मोबाइल कवर भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनकी कीमत करीब 400 रुपए है, जबकि ऑनलाइन प्लास्टिक के मोबाइल कवर 1000 से 1500 रुपए तक में मिलते हैं। हैंड कार्विंग वाली ट्रॉली और ज्वेलरी बॉक्स भी आकर्षण
मेले में लेदर से बनी ट्रॉली भी लोगों का ध्यान खींच रही है। इस पर हाथों से टूलिंग और कार्विंग की गई है। इसमें चार पहिए लगाए गए हैं। स्टॉल संचालकों के मुताबिक, यह सामान्य ट्रॉली बैग से अलग पर्सनलाइज्ड डिजाइन में तैयार की गई है और इसकी क्वालिटी एक्सपोर्ट स्टैंडर्ड की है। इसके अलावा लेदर पिस्टल कवर, ज्वेलरी बॉक्स और चेन रखने के लिए खास बॉक्स भी प्रदर्शित किए गए हैं। पिस्टल कवर की अमेरिका के डलास मार्केट में बिक्री होती है। वहीं ज्वेलरी बॉक्स में चेन और अन्य आभूषण व्यवस्थित तरीके से रखे जा सकते हैं। विदेशों में डिमांड, अब भारतीय ग्राहकों को बताने की कोशिश
अमन सिंह ने बताया कि लेदर से बने उत्पादों की विदेशों में काफी मांग है। ऑस्ट्रेलिया और पोलैंड जैसे देशों में सॉफ्ट लेदर हैट की डिमांड रहती है। इसके अलावा ट्रैवल बैग, एक्सेसरीज और कई तरह के वेस्टर्न प्रोडक्ट कानपुर में तैयार होकर विदेश भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेले के जरिए लोगों को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि लेदर से सिर्फ महंगे उत्पाद ही नहीं बनते, बल्कि कम कीमत में भी अच्छी क्वालिटी के सामान उपलब्ध हैं। लोगों को इन उत्पादों की उपयोगिता समझ आए और वे इन्हें अपने रोजमर्रा के इस्तेमाल में शामिल करें, यही मेले का मकसद है। CLE ने भी दिया सहयोग
मेले के आयोजन में काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स (CLE) की ओर से भी सहयोग दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि कानपुर लेदर इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र है। यहां तैयार होने वाले उत्पाद दुनिया के कई देशों तक पहुंचते हैं। अब कोशिश है कि स्थानीय लोग भी इन उत्पादों और उनकी गुणवत्ता को पहचानें और कानपुर में बनने वाले लेदर प्रोडक्ट्स को अपने इस्तेमाल में लाएं।
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