करोड़पति कारोबारी की बहू की रिमांड पर आज सुनवाई:4 साल पहले पत्नी ने करोड़ों का दूसरा फ्लैट विनीत मिनोचा के नाम किया था
कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या के मामले में बहू शालू समेत तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई होगी। हालांकि इस बार पुलिस सभी तर्कों और फैक्ट के साथ तैयार है। इससे पहले 19 सितंबर को रिमांड पर सुनवाई के दौरान बहू शालू ने कहा था कि विवेचक ने मेरी रिमांड के लिए जो आधार बताया है। वह गल

कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या के मामले में बहू शालू समेत तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई होगी। हालांकि इस बार पुलिस सभी तर्कों और फैक्ट के साथ तैयार है। इससे पहले 19 सितंबर को रिमांड पर सुनवाई के दौरान बहू शालू ने कहा था कि विवेचक ने मेरी रिमांड के लिए जो आधार बताया है। वह गलत है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। ऐसे में मैं कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराना चाहती हूं। ताकि सच सामने आ सके। वहीं पत्नी ने 4 साल पहले दूसरे फ्लैट का भी मालिकाना हक विनीत मिनोचा को दे दिया था। शालू बोली- मैंने विवेचक को कोई बयान नहीं दिया 19 सितंबर को आरोपी शालू की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मैं बिना किसी दबाव या भय के स्वेच्छा से कोर्ट के सामने अपना पक्ष दर्ज कराना चाहती हूं। उसने कहा कि 15 सितंबर को मेरी पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की गई है। इसमें रिमांड का आधार मेरे एक कथित बयान को बताया गया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि मेरे फ्लैट की कुल 4 चाबियां थीं। दो चाबियां फ्लैट पर रखी रहती थीं। आरोपी विशाल गौतम को डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए कौन सी चाबी दी गई थी? इसकी जानकारी के लिए पुलिस मुझे घर चलकर चाबी दिखाने और परेड चौराहे पर जाकर उस स्थान की तस्दीक कराने की बात कह रही है। जहां मैंने विशाल को चाबी दी थी। शालू ने कहा कि मैंने विवेचक को ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। दवा कारोबारी के 2 फ्लैट सामने आए दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के अब तक दो फ्लैट सामने आए हैं। एक कानपुर के रतन ऑर्बिट में जबकि दूसरा दिल्ली के वैशाली में बताया जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि दोनों फ्लैट की कीमत करोड़ों में है और विनीत और उनकी पत्नी पुनीता इनके 50-50 प्रतिशत के हकदार हैं। पुनीता ने जून 2022 में अपनी वसीयत की, जिसमें अपनी संपत्ति का मालिकाना हक भी विनीत को दे दिया था। उसके बाद बेटे सुब्रत और बेटी शुभांगी को मालिकाना हक ट्रांसफर किया था। दोनों आरोपियों से पुलिस कौन-कौन से सवाल पूछ सकती है, पढ़िए… शालू से ये सवाल पूछ सकती है विशाल से ये सवाल पूछ सकती है पुलिस को बेटे सुब्रत पर शक, कई सवाल पूछ चुकी पुलिस ने शालू, सुब्रत और विशाल के 7 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले। जांच में सामने आया कि विशाल और सुब्रत के बीच एक मई से 5 सितंबर के बीच 309 बार बात हुई। मर्डर से 2 दिन पहले विशाल ने JIO का सिम खरीदा था। उस नंबर से सुब्रत से बात की। यह बात किस मकसद से की गई, इसका जवाब सुब्रत नहीं दे सका। पुलिस ने सुब्रत से पूछा- तुम्हारी फर्म में 17 कर्मचारी हैं। घर में मेड समेत 3 हाउस हेल्पर का स्टॉफ है। इसके बाद भी विशाल की ही क्यों जरूरत पड़ती थी? इस सवाल का सुब्रत कोई सही जवाब नहीं दे सका। उसने सिर्फ इतना बताया कि विशाल बिजली का अच्छा मैकेनिक था। इसलिए वह उसे बुलाता था। पुलिस ने पूछा कि हत्या के 20 दिन पहले तुम, विशाल और शालू एक साथ देखे गए। चाबी बनवाने भी साथ गए। क्या तब ये नहीं पूछा कि चाबी क्यों बनवानी पड़ रही? उस चाबी की विशाल को क्या जरूरत है? सुब्रत इस सवाल के जवाब में भी चुप रहा। पुलिस ने पूछा कि गुमटी में तुम और विशाल एक साथ देखे गए। इसके CCTV फुटेज हैं। तुम आरोपी विशाल को डॉक्टर के पास लेकर गए थे क्यों? सुब्रत ने बस इतना बोला कि उसकी तबीयत खराब थी। इसलिए विशाल को लेकर गया था। पुलिस ने पूछा कि विशाल ने तुम्हारी दुकान और घर में करीब 12 साल तक काम किया। मर्डर के बाद जब तुम्हें सीसीटीवी दिखाए गए तो तुमने आरोपियों को पहचानने से इनकार क्यों किया? सुब्रत ने जवाब दिया कि फुटेज में चेहरा पहचान नहीं सके। पुलिस ने पूछा कि विशाल को जब तुम्हारे पिता ने निकाल दिया था, तो तुम उसके टच में क्यों थे? इसके पीछे क्या कारण है? सुब्रत ने कहा कि छोटे-मोटे काम के लिए मैं उसे फोन करता था। 45 हजार खर्च मिलता था, 49 हजार की दी पार्टी डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया था कि विनीत मिनोचा की हत्या की रात (5 सितंबर) बेटे सुब्रत और बहू शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में कपल किटी पार्टी में गए थे। यह पार्टी सुब्रत ने ही ऑर्गनाइज की थी। इस बात का खुलासा गुरुवार (10 सितंबर) को शालू के भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने किया। उस कपल पार्टी में 35 लोग शामिल हुए थे, जो दवा कारोबार से जुड़े हैं। रेस्टोरेंट के रिकॉर्ड से सामने आया कि दोनों रात 10:30 बजे ही पार्टी में पहुंच गए थे, जबकि पार्टी रात 11:30 बजे से शुरू होनी थी। इसके साथ ही रात में 3 बजे उनके लाउंज से निकलने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच और लाउंज के रिकॉर्ड में एक बात और सामने आई कि पार्टी के लिए 1400 रुपए प्रति प्लेट की दर से बुकिंग हुई थी। पार्टी का बिल करीब 49 हजार बना था। पुलिस की पूछताछ में सुब्रत ने बताया था कि उसे 35 हजार रुपए बतौर सैलरी और शालू को 10 हजार रुपए खर्च के लिए मिलते थे। ऐसे में सवाल किया गया कि 45 हजार प्रतिमाह मिलने वाले खर्च में 49 हजार की पार्टी कैसे ऑर्गनाइज की? इसका कोई जवाब उसके पास नहीं था। सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट किए फोटो-वीडियो पुलिस की जांच में एक बात सामने आई कि मर्डर के कुछ दिन बाद सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी फर्म ‘फार्मा ट्रेडर्स’ का वॉलपेपर भी लगाया था। जिस पर एक के बाद एक कई कमेंट्स आने के बाद सुब्रत ने अपने अकाउंट से पोस्ट हटा दी। इसके साथ ही उसने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल से पोस्ट की गई फोटो व रील्स भी डिलीट कर दीं। अब जानिए क्या था पूरा मामला कारोबारी विनीत मिनोचा रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर C-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे। 4 कमरों और डाइनिंग रूम वाले इस फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। विनीत बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। विनीत बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। सालाना टर्नओवर 50 से 60 करोड़ का था। परिवार में पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और 5 साल का पोता श्रीजय हैं। शालू और सुब्रत की शादी 7 साल पहले नैनीताल से हुई थी। पत्नी पुनीता मैरिज काउंसलर हैं, वह गाजियाबाद में बेटी सुभानी और दामाद के साथ रहती हैं। शालू मिनोचा के पिता नरेश अरोड़ा कपड़ा कारोबारी हैं। वे लखनऊ के ठाकुरगंज में रहते हैं। 5 सितंबर की रात दवा कारोबारी के गले और सीने में 26 से ज्यादा चाकू से वारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने कारोबारी की दुकान में काम करने वाले नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को 6 सितंबर की रात एनकाउंटर के दौरान पकड़ा था। विशाल ने कहा था कि उसने बहू शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। वहीं, अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड मदन सिंह ने बताया था कि शालू ने विशाल को घर बुलाया था, जिसके बाद पुलिस ने शालू को अरेस्ट कर जेल भेजा था। 16 सितंबर को पुलिस ने शालू और विशाल की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मांगी थी, लेकिन हड़ताल के चलते मामले की सुनवाई नहीं हुई और डेट लग गई। 19 सितंबर को बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित की ओर शालू के बयान मन मुताबिक लिखने और कोर्ट को सच बताने के लिए कलमबंद बयान दर्ज कराने की अर्जी दी गई, जिसके चलते रिमांड को लेकर हुई सुनवाई पर निर्णय नहीं आ सका। कारोबारी की पत्नी की वसीयत भी जांच के दायरे में पुलिस जांच के दौरान विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। पुलिस इस दस्तावेज को भी हत्या के पीछे संभावित वजहों की जांच से जोड़कर देख रही है। ---------------------------
ये खबर भी पढ़ें एप्पल मैनेजर हत्याकांड में सिपाही को 10 साल की जेल:लखनऊ कोर्ट का 8 साल बाद फैसला; 2 साल में रिहा हो सकता है प्रशांत चौधरी लखनऊ के चर्चित एप्पल मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में सोमवार को जिला कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। कोर्ट ने बर्खास्त आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पढ़िए पूरी खबर
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗
