गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धांजलि सप्ताह में शामिल हुए CM:बोले- अपने लिए नहीं देश और समाज के लिए जिएं
गोरखपुर में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन CM योगी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए। CM योगी ने कहा कि जब आप महापुरुषों के बारे में जानते, सुनते हैं तब एक नई प्रेरणा प्राप्त होती है। आज युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि है। आज से लगभग 95 व

गोरखपुर में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन CM योगी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए। CM योगी ने कहा कि जब आप महापुरुषों के बारे में जानते, सुनते हैं तब एक नई प्रेरणा प्राप्त होती है। आज युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि है। आज से लगभग 95 वर्ष पहले जब यह देश गुलाम था, जब साधन नहीं थे, संसाधनों का भी अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। एक सामान्य मनुष्य व संत में यही अंतर होता है। सामान्य मनुष्य अपने बारे में सोचता है, अपने परिवार के बारे में सोचता है। महापुरुषों की दृष्टि देखिए, 1932 में साधन कम थे, संसाधन नहीं थे लेकिन उन्होंने शिक्षा के एक बीज का रोपण किया। महाराणा प्रताप कालेज के नाम से। जब उनसे पूछा गया कि आपने महाराणा प्रताप के नाम पर क्यों स्थापना की? उन्होंने कहा कि जब भी भारत को स्वदेश और स्वाभिमान और स्वधर्म का एहसास कराने का किसी महापुरष का आदर्श सामने रखना हो तो महाराणा प्रताप एक आदर्श नाम हमारे सामने हो सकते हैं। अपनी दो संस्थाएं उत्तर प्रदेश सरकार को देकर कहा- यहां विश्वविद्यालय स्थापित होना चाहिए। एक श्रेय लेने की होड़ होती है। जब उनसे पूछा गया कि विवि के लिए मठ की इतनी संपत्ति दे रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मठ की समाज के लिए है। हजारों बच्चे इसमें अपना भविष्य बनाएंगे। लोककल्याणकारी कार्य के लिए हम यह संस्था देते हैं। आज भी 50 से 55 संस्थाएं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित हैं।
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