गोरखपुर में आजाद समाज पार्टी का हंगामा:जंतर-मंतर आंदोलन की परमीशन न मिलने पर भड़के कार्यकर्ता, जमकर नारेबाजी की
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले 'संपूर्ण भागीदारी महाआंदोलन' को प्रशासनिक अनुमति न दिए जाने के विरोध में गुरुवार को गोरखपुर की सड़कों पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी का भारी आक्रोश देखने को मिला। दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा हो गए। कार्यकर्ताओं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले 'संपूर्ण भागीदारी महाआंदोलन' को प्रशासनिक अनुमति न दिए जाने के विरोध में गुरुवार को गोरखपुर की सड़कों पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी का भारी आक्रोश देखने को मिला। दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा हो गए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश निगम के साथ अन्य कार्यकर्ताओं ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का सीधा आरोप लगाया। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार- कार्यकर्ता
उनका कहना है कि दिल्ली में होने वाला यह महाआंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक था, जिसमें देशभर से दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज के लोग अपने बुनियादी हक मांगने आ रहे थे। लेकिन प्रशासन को ढाल बनाकर आंदोलन की अनुमति रद्द कर दी गई, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कार्यकर्ताओं का साफ आरोप है कि सरकार जनहित और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने का हर संभव प्रयास कर रही है। पार्टी की प्रमुख मांगें
प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश निगम ने कहा कि पार्टी की मांग है कि देश के चार प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में SC और ST वर्ग के लिए लागू 70 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने का जो प्रयास किया जा रहा है, उसे तुरंत रोका जाए और पुराना कोटा बहाल रखा जाए। इसके अलावा, देश की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की विशाल आबादी को उनकी संख्या के अनुपात में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिया जाए ताकि राजनीतिक फैसलों में उनकी बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, राजनीति में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के सरकारी दावों पर भी स्थिति साफ की जाए कि इसमें SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कितना कोटा आरक्षित रखा जाएगा। राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी
करीब दो घंटे तक चले इस जोरदार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचें। DM को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत है। अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और दमनकारी नीतियां बंद नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी मिलकर विधानसभा का घेराव करेगी और इसके बाद दिल्ली कूच कर बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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