22 अक्टूबर 2026, 5:55 PM
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गोरखपुर में रातभर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन:सरयू, राप्ती और कुआनो नदी के घाटों पर गुरुवार दोपहर तक जारी रहा सिलसिला

शारदीय नवरात्र के अष्टमी और नवमी पर दुर्गा पूजा पांडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद बुधवार की शाम से प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। गोरखपुर जिले की गोला तहसील क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों पर देर शाम से ही प्रतिमाओं का जुटान होने लगा। निर्धारित क्रम के अनुसार रात में विसर्जन शुरू हुआ, जो गुरुवार दोपहर तक जारी रहा

गोरखपुर में रातभर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन:सरयू, राप्ती और कुआनो नदी के घाटों पर गुरुवार दोपहर तक जारी रहा सिलसिला
स्रोत: dainik bhasker category
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शारदीय नवरात्र के अष्टमी और नवमी पर दुर्गा पूजा पांडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद बुधवार की शाम से प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। गोरखपुर जिले की गोला तहसील क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों पर देर शाम से ही प्रतिमाओं का जुटान होने लगा। निर्धारित क्रम के अनुसार रात में विसर्जन शुरू हुआ, जो गुरुवार दोपहर तक जारी रहा। गाजे-बाजे की धुन, देवी गीतों और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने मां जगदंबा को विदाई दी। प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा पांडालों की रौनक भी थम गई। बड़हलगंज में प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। यहां क्रेन के जरिए दुर्गा प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित किया गया। वहीं, गोला क्षेत्र में नाव के माध्यम से प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। पटनाघाट स्थित उग्रसेन पुल के पास भी प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम चलता रहा। बुधवार की शाम से ही विभिन्न गांवों और कस्बों से सजी-धजी प्रतिमाएं जुलूस के साथ घाटों पर पहुंचने लगी थीं। रात होते-होते घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। निर्धारित क्रम के अनुसार प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए नदी तक ले जाया गया।ए। बड़हलगंज क्षेत्र में सिधुआपार, साऊंखोर, कोड़ारी, ओझौली, झुमिला बाजार, पिड़हनी, डेरवा और पटनाघाट समेत विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकाली गईं। कस्बे की प्रतिमाओं का विसर्जन पुरानी हनुमानगढ़ी घाट से क्रेन के जरिए सरयू नदी में किया गया। जबकि पौहरिया, नेतवार पट्टी और सीधेगौर की प्रतिमाओं का विसर्जन कपरवार घाट पर उग्रसेन पुल से राप्ती नदी में हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नदी और तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। उरुवा क्षेत्र में कुआनो नदी के घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। यहां भी बुधवार रात से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। गुरुवार दोपहर तक अलग-अलग घाटों पर विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। मां दुर्गा को विदाई देने पहुंचे श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
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