गैस सिलेंडर ब्लास्ट में 4 भाइयों सहित 5 की मौत:पड़ोस के भी 2 मकान ढहे, 15 घरों में दरारें, पड़ोसी बोले- ऐसा लगा बम ब्लास्ट हो गया
यूपी के फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलवां कस्बे में फल विक्रेता सुरेश गुप्ता का दो मंजिला मकान दो सिलेंडरों में हुए धमाके के बाद भरभराकर ढह गया। हादसे में सुरेश और उनके परिवार के 4 सदस्यों की मौत हुई, जबकि 3 लोग घायल हैं। सोमवार शाम करीब 5 बजे हुआ यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर

यूपी के फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलवां कस्बे में फल विक्रेता सुरेश गुप्ता का दो मंजिला मकान दो सिलेंडरों में हुए धमाके के बाद भरभराकर ढह गया। हादसे में सुरेश और उनके परिवार के 4 सदस्यों की मौत हुई, जबकि 3 लोग घायल हैं। सोमवार शाम करीब 5 बजे हुआ यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर का है। खाना बनाते समय घर में आग लग गई। परिवार की महिलाएं चीखते हुए बाहर भागीं। तभी घर में रखे दो भरे गैस सिलेंडरों में तेज धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों को करीब 200 मीटर दूर तक भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। पड़ोस के दो मकान भी ढह गए। गनीमत रही कि हादसे के समय दोनों मकानों में कोई नहीं था। आसपास के करीब 15 मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। हादसे के समय घर में कुल 4 गैस सिलेंडर रखे थे। इनमें 2 खाली और 2 भरे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी सिलेंडर से गैस लीक होने की आशंका है। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। जिला अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि सिलेंडर किस गैस एजेंसी के थे, इसकी जांच की जा रही है। हादसे की 3 तस्वीरें…
मलबे में दबे 8 लोगों को बाहर निकाला सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। मकान संकरी गली में होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद बुलडोजर और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आसपास के लोगों की मदद से मलबे में दबे 8 लोगों को बाहर निकाला और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज में सुरेश के बेटे कुनाल (19), भतीजे वेद (14), यश (8) और अर्पित (15) की मौत हो गई। भतीजे आलोक गुप्ता (23) ने देर रात करीब 9:30 बजे दम तोड़ दिया। वह करीब 90 फीसदी झुलस गए थे। हादसे में सुरेश गुप्ता (50), उनका भतीजा ओम (7) और भतीजी शिवानी (23) घायल हैं। लखनऊ से पहुंची SDRF की टीम हादसे के बाद देर रात लखनऊ से SDRF की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबा हटाने और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। जेसीबी को घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए कई घरों के चबूतरे तोड़े गए। धमाके से आसपास के करीब 15 मकानों में दरारें आने की भी बात सामने आई है। दो पड़ोसी मकान पूरी तरह ढहे धमाके में सुरेश गुप्ता के पड़ोसी महेश सिंह और प्रदीप सिंह के मकान भी पूरी तरह ढह गए। वहीं अनमोल सिंह और रूपा सिंह के घरों की दीवारें गिर गईं। हादसे के समय महेश और प्रदीप के परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 200 मीटर दूर तक बाउंड्रीवॉल गिरी मलवां कस्बे के रहने वाले नवीन शुक्ला ने बताया कि सुरेश गुप्ता का मकान हाईवे से करीब 100 मीटर दूर गली में है। धमाके से आसपास के 10 से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकानों की छत और लेंटर टूट गए, जबकि कुछ मकान पूरी तरह ढह गए। मकान से करीब 200 मीटर दूर तक बाउंड्रीवॉल भी गिर गई। पड़ोसी महेश सिंह ने बताया कि धमाका इतना तेज था, जैसे कोई बड़ा बम फटा हो। जब तक लोग कुछ समझ पाते, सुरेश गुप्ता और उनका मकान धमाके की चपेट में आ चुका था। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। 2 और तस्वीरें देखिए… एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया- मलबे से 7 लोगों को निकाला गया था। इनमें से 4 की मौत उसी समय अस्पताल में हो गई। एक व्यक्ति 90% से ज्यादा झुलसा था। उसने रात को दम तोड़ दिया। मकान मालिक सुरेश समेत दो लोगों का इलाज चल रहा है। मलबा हटाया जा रहा है। हादसे की जांच की जा रही है। ------ ये खबर भी पढ़ें नीले ड्रम वाली मुस्कान को सजा-ए-मौत मिलेगी या रिहाई?:सौरभ हत्याकांड की फैसले की घड़ी आई; 22 लोगों की गवाही बने सबूत
तारीख- 3 मार्च, 2025 क्राइम- सौरभ हत्याकांड जगह- मेरठ यह केस पूरे देश में 'नीला ड्रम' की वजह से मशहूर हुआ। सौरभ राजपूत की लाश उनके ही घर में नीले ड्रम में मिली थी। अब इस हत्याकांड में फैसले की घड़ी आ गई है। 126 तारीखें, 22 से अधिक गवाहों के बयान के बाद कल यानी 30 सितंबर को मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा अपना फैसला सुनाएंगे। पूरी खबर पढ़ें
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗